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शौचालयों के निर्माण में घपला

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मोदी जी! पहले मिटाएं भ्रष्टाचार फिर करें स्वच्छता का प्रचार
मीरगंज की ग्राम पंचायत में एक ही गड्ढे से कई-कई शौचालयों को जोड़कर कर दी लाखों की हेराफेरी
मामला सामने आने के बाद अफसर अचंभित, डीपीआरओ ने बीडीओ से मांगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। केंद्र और राज्य सरकार के लोगों को स्वच्छता से जोड़ने के प्रयासों को भी भ्रष्टाचार की गंदगी खाए जा रही है। मीरगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत बलूपुरा में बने शौचालयों का सत्यापन किया गया तो पता चला कि यहां एक ही गड्ढे से कई-कई शौचालयों को जोड़कर लाखों की रकम साफ कर दी गई। बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई तो पता चला कि तत्कालीन ग्राम प्रधान स्वर्गीय प्रेमवती के हस्ताक्षर से ग्राम निधि के खाते से शौचालय का पैसा निकाला गया था। अब डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बीडीओ मीरगंज से इस घोटाले पर रिपोर्ट मांगी है।
ग्राम पंचायत बलूपुरा में 2015-16 में समग्र ग्राम योजना के तहत 289 शौचालयों का निर्माण कराया गया था। रिकार्ड के अनुसार इन शौचालयों के निर्माण के लिए 34.68 लाख रुपये का बजट सितंबर 2015 में ग्राम निधि-एक के खाते से ग्राम निधि-छह के खाते में स्थानांतरित किया गया था। बैंक रिकार्ड से पता चला कि यह धनराशि तत्कालीन ग्राम प्रधान प्रेमवती के हस्ताक्षरों के जरिये निकाली गई थी। ग्रामीणों की शिकायत के बाद करीब साल भर पहले बनवाए गए इन शौचालयों की हाल ही में रैंडम जांच कराई गई तो पता चला कि गांव के रहीस अहमद, अफसर अली, जमालुद्दीन, आरिफ, तौफीक, समीर अहमद सहित कई लोगों के शौचालयों को बनवाने के लिए एक ही गड्ढा खुदवाया गया जबकि हिमपाल, फारुख, शेर मोहम्मद, सोमपाल, सगीर अहमद सहित कई ग्रामीणों के शौचालयों के लिए नियमविरुद्घ ढंग से दो-दो शौचालयों का निर्माण कराया गया है। गांव वालों का कहना है कि गांव में सौ से ज्यादा शौचालयों में ऐसी ही गड़बड़ी हुई है। डीपीआरओ ने इस जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए बीडीओ से कुछ जानकारियां मांगी हैं।
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यह मामला गंभीर है। शौचालयों के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। मीरगंज बीडीओ से पूछा गया है कि इस गड़बड़ी के दौरान ग्राम पंचायत में कौन सचिव तैनात था। - चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ
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