बरेली। बिना तालमेल और मनमानी प्लानिंग के चलते सेंट्रल सीवर लाइन प्रोजेक्ट की राह में तमाम अड़ंगे नजर आ रहे हैं। चौपुला चौराहे पर जहां से सेंट्रल सीवर लाइन गुजरेगी, वहां निर्माणाधीन पुल के पिलर आ रहे हैं। ऐसे में वहां आठ मीटर की गहराई पर डेढ़ मीटर से भी ज्यादा व्यास वाली पाइपलाइन डालने की राह में मुश्किलें नजर आ रही हैं। वहीं इतनी गहरी खुदाई को लेकर निर्माणाधीन पुल को भी खतरा हौ सकता है।
जर्जर हो चुकी करीब 50 साल पुरानी सीवर लाइन को बदलने की प्रक्रिया 26 अगस्त से शुरू हो चुकी है। 54.85 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत 12.74 किलोमीटर लंबी सेंट्रल सीवर लाइन बिछाई जाएगी। यह लाइन सिंधुनगर से श्यामगंज, कालीबाड़ी होकर चौपुला चौराहा तक, खुर्रम गौटिया से गांधी उद्यान, प्रभा सिनेमा, चौकी चौराहा होकर चौपुला चौराहा तक, मुख्य डाकघर से कचहरी, कचहरी से जंक्शन पुलिस चौकी, मालगोदाम रोड होते हुए चौपुला चौराहा तक, चौपुला चौराहा से बरेली सिटी स्टेशन होते हुए जसोली फाटक तक और स्टेट बैंक कालोनी से गढ़ी चौकी, अलखनाथ मंदिर, किला चौराहा, दूल्हा मियां के मजार होते हुए जसोली फाटक तक पहुंचेगी।
आठ मीटर गहरी खुदाई से पुल को होगा खतरा
इन पांच सेंट्रल सीवर लाइन का जंक्शन चौपुला पर होगा, जिसके चलते वहां 1600 मिलीमीटर व्यास की लाइन डाली जाएगी। इस समय वहां पर चौपुला पुल भी निर्माणाधीन है और जगह-जगह उसके पिलर बनाने की मार्किंग हो चुकी है। ऐसे में जल निगम के अफसर सीवर लाइन निकालने की जगह को लेकर असमंजस में हैं। यहां पर सीवर लाइन आठ मीटर की गहराई पर डाली जानी है। ऐसे में यहां खुदाई के दौरान निर्माणाधीन पुल के पिलर को लेकर भी खतरा पैदा होने की पूरी आशंका है। मगर इसको लेकर सेतु निगम और जल निगम के अफसरों ने आपस में कोई तालमेल नहीं बैठाया है। इसको लेकर सेतु निगम के अफसरों ने पत्र लिखा है।
पब्लिक है परेशान, खूब लग रहा जाम
इन दिनों ईसाइयों की पुलिया के पास सेंट्रल सीवर लाइन का काम चल रहा है, जिसके चलते एक ओर की सड़क पूरी तरह से बंद कर दी गई है। सड़क की एक ही साइड से दोनों ओर का ट्रैफिक गुजारा जा रहा है। पानी की पाइपलाइन डालने के चलते यह सड़क भी पूरी तरह से खराब हो चुकी है, जिसके चलते दिनभर ही यहां जाम के हालात बन रहे हैं।
सेतु निगम का पत्र अभी नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद सेतु निगम के अधिकारियों के साथ बातचीत की जाएगी। निर्माणाधीन पुल के पास भी सीवर लाइन निकालने के लिए प्लानिंग की जाएगी।
- संजय कुमार, एक्सईएन, जल निगम