कृपया मंडल में लगवा दें::
अब केरोसिन का वितरण
भी ई-पॉस मशीन से होगा
- पांच सितंबर से लागू होगी नई व्यवस्था, ई-पॉस मशीन सॉफ्टवेयर में किया गया बदलाव
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। केरोसिन की कालाबाजारी और राशन दुकानाें पर हो रही हेराफेरी पर लगाम लगाने के लिए पांच सितंबर से नई व्यवस्था लागू होगी। इसके तहत अब राशन दुकानों से केरोसिन का वितरण मैन्युअली नहीं होगा। कारण, कोटेदार ज्यादातर कार्डधारकों को केरोसिन नहीं देते हैं, इसलिए इसका वितरण ई-पॉस मशीनों से होगा।
खाद्य आयुक्त ने सभी उपायुक्त और जिलापूर्ति अधिकारियों को परिपत्र जारी कर कहा है कि पांच सितंबर से प्रस्तावित केरोसिन वितरण व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। आयुक्त ने कहा है कि केरोसिन (मिट्टी तेल) का वितरण अब ई-पॉस मशीनों से ही संभव होगा। इसके लिए ई-पॉस मशीनों के सॉफ्टवेयर में तकनीकी परिवर्तन किया गया है। इसलिए मैन्युअल वितरण अब संभव नहीं होगा।
उपायुक्त खाद्य राजन गोयल ने बताया कि खाद्य आयुक्त से नई व्यवस्था संबंधी निर्देश मिल गए हैं। ई-पॉस मशीनों में अब तीन श्रेणी बनाई गई हैं। मशीन में ‘केवल मिट्टी तेल’, ‘केवल खाद्यान्न’ और ‘खाद्यान्न व मिट्टी तेल दोनों’ विकल्प दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक मशीनों से राशन ही दिया जाता था। मिट्टी तेल के वितरण के लिए अलग से रजिस्टर बना हुआ था। इससे ही कोटेदार हेराफेरी करते रहे हैं, लेकिन मशीनों से केरोसिन वितरण होने पर रिकार्ड सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में लागू राशन कार्ड पोर्टेबल शॉप सुविधा में केवल राशन ही मिलेगा। मूल दुकान से खरीदारी करने पर दोनों आइटम मिलेंगे।