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पुरानी गाड़ियां हटाएंगे तो हम किराया बढ़ाएंगे

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बरेली। निजी स्कूल बसों एवं वैन की हड़ताल बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इसके चलते अभिभावकों को बच्चों को स्कूल पहुंचाने और वापस लाने के लिए परेशान होना पड़ा। साथ ही, जाम में भी जूझना पड़ा। वहीं, वाहन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन दिया है। उनका कहना है कि अगर यह नियम निरस्त नहीं हुए तो हम किराया बढ़ाएंगे और यह किराया दो गुना से ज्यादा होगा।
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स्कूल वाहन वेलफेयर एसोसिएशन की हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी स्कूल वैन और बसें बच्चों को लेने उनके घर नहीं पहुंचीं। बुधवार की तरह ही अभिभावकों को सुबह जल्दी उठकर अन्य कामों को छोड़कर बच्चों को लेकर स्कूल दौड़ना पड़ा। तमाम अभिभावकों ने इस समस्या के चलते बच्चों की छुट्टी भी करा ली। दोपहर में जब छुट्टी हुई तो अभिभावकों को दूसरी तरह की समस्या का सामना करना पड़ा। बृहस्पतिवार को गर्मी नहीं थी लेकिन बारिश और जाम ने उन्हें परेशान किया। जगह-जगह अभिभावकों बच्चों को बाइक पर बैठाए जाम में फंसे नजर आए।
डीएम को दिया ज्ञापन
वहीं, दूसरी ओर वाहन स्कूल वाहन एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को डीएम को ज्ञापन सौंपकर उसे शासन तक पहुंचाने की मांग की। उन लोगों ने कहा कि अगर शासन ने नया नियम वापस नहीं लिया तो 15 दिन बाद वे लोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। अध्यक्ष राकेश कालरा ने बताया कि हड़ताल से भी बात नहीं बनी तो किराया बढ़ाया जाएगा, जो पहले दो गुना तक ज्यादा होगा।
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खर्च का गणित लगाकर, किराया बताया 2500
स्कूल वाहन एसोसिएशन ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा है कि उन्हें वाहन संचालन को बीमा, फिटनेस, रिपेयर, ड्राइवर-क्लीनर, ईंधन समेत तमाम तरह के खर्च करने होते हैं। इस तरह एक वैन पर साल भर में 25 हजार से ज्यादा और बस पर 90 हजार से ज्यादा खर्च आता है। अगर किराया बढ़ाना पड़ा तो वैन संचालक प्रति माह बच्चे का किराया करीब 2500 और बस चालक दो हजार लेंगे जबकि इस समय यह किराया एक हजार से 1200 रुपये तक लिया जा रहा है।
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