बरेली। किला ओवरब्रिज पर फुटपाथ और सड़क की ऊंचाई कुछ ही कम रह जाने से वाहनों के फिसलने का खतरा पैदा हो गया है। यहां रात में वाहन चालकों को इस खतरे से सतर्क करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने फुटपाथ पर रिफ्लेक्टर लगा दिए हैं। हालांकि पुल पर गड्ढे न भरे जाने से हादसे की आशंका अभी भी बनी हुई है।
इस ओवरब्रिज पर सड़क बनाने के लिए एक के बाद एक हाटमिक्स की लेयर बिछा दी गई है। पुरानी लेयर हटाए बिना नई लेयर बिछाने से ओवरब्रिज का वजन कई टन बढ़ चुका है। इसलिए पीडब्ल्यूडी ने इस बार ओवरब्रिज की रोड का रिन्यूवल करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। दिक्कत यह आ रही है कि सड़क की ऊंचाई बढ़ने से पुल का फुटपाथ और रोड का लेवल कुछ इंच कम रह गया है। वाहनों के पहिए इसमें रगड़ने से उनके अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने रात में वाहन चालकों को इस खतरे से सतर्क करने के लिए फुटपाथ पर किनारे-किनारे काफी दूर तक रिफ्लेक्टर लगा दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रोड सेफ्टी के लिहाज से यह काम महत्वपूर्ण है। हालांकि ओवरब्रज की सड़क पर पूर्व में भरे गए गड्ढों को कुछ समय ही भरा गया था। इनके फिर से उधड़ने से हादसों का खतरा बढ़ गया है।
‘किला ओवरब्रिज पर खतरा कम करने के लिए रिफ्लेक्टर लगा दिए गए हैं। बाकी रोड का काम शुरू कराने के लिए आईटीआई के इंजीनियरों की टीम बुलाकर पहले तकनीकी सलाह ली जाएगी।’
- प्रमेश गुप्ता, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी