बरेली। सिस्टम भले ही भू माफिया पर कार्रवाई के कितने ही दावे क्यों न करे, सिस्टम से सांठगांठ के चलते इस पर रोक नहीं लग पा रही है। पीलीभीत बाईपास पर कॉलोनाइजर ने नगर निगम की करीब 12 बीघा जमीन और तालाब को अपनी बाउंड्रीवाल के घेरे में कैद कर लिया है। यह प्रकरण निगम अफसरों की जानकारी में भी है। पिछले दिनों यहां कार्रवाई के नाम पर बाउंड्री का कुछ हिस्सा ध्वस्त भी किया गया था, लेकिन सांठगांठ के चलते अब तक पूरी कार्रवाई नहीं की गई है।
पीलीभीत बाईपास से निर्माण विहार कॉलोनी की ओर जाने वाली सड़क पर नगर निगम का तालाब और कुछ जमीन है। यह पूरा रकबा करीब 12 बीघा का है। पिछले दिनों कॉलोनाइजर ने यहां कॉलोनी का निर्माण शुरू किया तो नगर निगम के तालाब और जमीन को भी बाउंड्रीवाल बनाकर अपने घेरे में ले लिया। कॉलोनी बनाने के लिए भी बीडीए से नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया। इस पर बीडीए ने कार्रवाई कर यहां का तमाम निर्माण ध्वस्त कर दिया। बीडीए की देखादेखी नगर निगम ने भी कार्रवाई की, लेकिन यह महज दिखावा साबित हुई। जमीन की पैमाइश करके नगर निगम टीम ने बाउंड्री का एक हिस्सा ध्वस्त कर दिया। बाकी निर्माण हटाने के लिए बिल्डर को हिदायत दी गई, लेकिन उसके बाद न तो बिल्डर ने ही निगम की जमीन से अवैध कब्जा हटाया और न ही निगम टीम यहां कार्रवाई को पहुंची। इसके चलते आज भी यहां कॉलोनाइजर का अवैध कब्जा बरकरार है।
नगर निगम की जमीनों पर 99 लोगों के कब्जे
पीलीभीत रोड का यह तालाब ही नहीं शहरी क्षेत्र में नगर निगम की 10.076 हेक्टेयर जमीन पर 99 लोगों ने अवैध कब्जे कर रखे हैं। करोड़ों रुपये की यह जमीन कब्जे में लेने में नगर निगम को पसीना छूट रहा है। पिछले दिनों प्रशासन को दी गई रिपोर्ट में निगम अफसरों ने बताया था कि निगम की जमीनों पर कोर्ट में 99 वाद चल रहे हैं लेकिन निगम की ओर से अपनी जमीनों से कब्जा छुड़ाने के लिए सिर्फ नौ लोगों पर ही मुकदमा दर्ज कराया गया है।
तालाब पर कब्जे का मामला संज्ञान में नहीं है। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर पैमाइश कराई जाएगी और अवैध निर्माण ध्वस्त कर जमीन को कब्जे में लिया जाएगा।
- ईश शक्ति सिंह, अपर नगर आयुक्त