बरेली। महिला पुलिस रिक्रूटों और पुलिस मार्डन स्कूल की छात्राओं को बेहद कम कीमत में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की कोशिश में डीआईजी लग गए हैं। पहले चरण में आरटीसी और पुलिस मार्डन स्कूल में पैड बनाने वाली यूनिट लगाई जाएंगी। इनसे निकले पैड एक मशीन के जरिये सिक्का डालने पर कम कीमत में उपलब्ध हो जाएंगे। डीआईजी के निर्देश पर आरआई दूसरे विभागों और कंपनियों से संपर्क कर रहे हैं।
मासिक धर्म के दौरान महिलाएं अक्सर पुराने कपड़ों का प्रयोग करती हैं, जिससे संक्रमण होने की गुंजाइश रहती है, जिसकी वजह से भविष्य में महिलाएं बड़ी बीमारियों की शिकार हो जाती हैं। डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने पुलिस विभाग से जुड़ी महिलाओं व छात्राओं को इस तरह की समस्या से बचाने की कवायद शुरू की है। इंडियन ऑयल सीएसआर नाम से इस संबंध में अभियान भी चला रहा है। इसके सहयोग से डीआईजी ने पुलिस लाइन की आरटीसी (रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर) और पुलिस मॉडर्न स्कूल में सेनेटरी पैड बनाने की ऐसी यूनिट लगवाने का प्रयास शुरू किया है।
आरटीसी में इस समय 252 महिला रिक्रूट हैं, जिनके लिए खासतौर पर कम कीमत में पैड उपलब्ध कराने की योजना है। डीआईजी के निर्देश पर आरआई हरेंद्र पाल सिंह ने उद्योग विभाग द्वारा कर्मचारी नगर में संचालित जवाहर पंचायत उद्योग केंद्र में लगी यूनिट को देखा और दिल्ली में इंडियन ऑयल के अधिकारियों से भी बात की। सब सही रहा तो जल्दी ही दो यूनिट लगवा दी जाएंगी।
छोटे से कमरे में ही लग जाएगी यूनिट
आरआई ने पंचायत उद्योग का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को जानकारी दी है कि पांच से आठ वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले कमरे में यह यूनिट लग जाएगी। इसे लगाने में कंपनियों से मदद भी ली जा सकती है। यहां जो पैड बनेंगे वो एक से ढाई रुपये की कीमत में उपलब्ध हो जाएंगे। इसके लिए एटीएम जैसी मशीन लगेगी, जिसमें सिक्का डालने पर एक बार में एक पैड निकलेगा। छह पैड का पैकेट अधिकतम पंद्रह रुपये में मिल सकेगा।
यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। पुलिस विभाग से जुड़ी महिलाओं को बेहद कम कीमत में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने की योजना है ताकि उन्हें बीमारियों से बचाया जा सके। इसके लिए इंडियन ऑयल कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है।
- राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी रेंज