बरेली। ‘शहरी महिलाएं हों या ग्रामीण, कामकाजी महिला हों या गृहिणी सभी को अपने जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, फिर भी महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं।’ यह कहना है शहर के एक पेट्रोल पंप पर सेल्समैन की जॉब कर रही अदिति का। उन्होंने कहा, महिलाओं के पिछड़ेपन की वजह पुरुष नहीं बल्कि उनके मन में बैठा भय है। ये भय मन से निकल जाए तो महिलाओं को सशक्त बनने से कोई पुरुष या समाज नहीं रोक सकता।
बदायूं रोड स्थित बीडीए कॉलोनी निवासी अदिति बरेली कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं। उनके पिता एक निजी स्कूल में शिक्षक हैं और मां गृहिणी हैं। तीन और तीन बहनों में एक भाई शहर के एक अस्पताल में डॉक्टर हैं। अदिति मालियों की पुलिया स्थित एचपी के पेट्रोल पंप पर कार्य कर रही हैं। उनके मुताबिक पेट्रोल पंप पर जॉब करने का निर्णय आसान नहीं था। परिजनों को जब उन्होंने पेट्रोल पंप पर जॉब मिलने की बात बताई तो पिता ने सपोर्ट किया लेकिन भाई व बहनों ने विरोध किया। लेकिन वे अपने निर्णय पर अडिग रहीं। बताया कि पहले जो परिजन विरोध कर रहे थे वे अब सहयोग करने लगे है। वहीं, कॉलोनी के कुछ निवासी उनके इस कार्य को लेकर अनर्गल बातें करते हैं। कहा, पेट्रोल पंप पर कार्य करना आसान नहीं था लेकिन पंप के मालिक राशु और अर्पित अग्रवाल से काफी सहयोग मिला है।
ताकि परिवार पर वे बोझ न बनें
अदिति का कहना है कि वे परिवार पर बोझ बनने के अपना खर्चा खुद निकालने के लिए जॉब कर रहीं हैं। कहा, वे आगे चलकर महिलाओं के लिए बेहतर कार्य करना चाहती हैं, पेट्रोल पंप पर काम कर महिलाओं को जागरुक करना उनकी उसी मुहिम का एक हिस्सा है। अदिति कहती हैं कि उन्हें पेट्रोल पंप के स्टाफ का भी काफी सहयोग मिलता है। वहीं, पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि हमें कभी ऐसा नहीं लगा कि ये लड़कियां किसी भी मामले में लड़कों से कम हैं। वो कहते हैं कि वाहनों में पेट्रोल भरना हो या राशि का लेन/देन महिलाएं अपनी हर जिम्मेदारी को बखूबी निभा सकती हैं।