बरेली। शुक्रवार देर रात फरीदपुर में सड़क हादसे में मारे गए आयकर अधिकारी मनोज गुप्ता मूल रूप से जौनपुर के निवासी थे। उनकी तैनाती अल्मोड़ा में थी। कार में उनके साथ निजी ड्राइवर नासिर खां और निजी कर्मचारी साहब लाल भी थे जिनकी हादसे के तुरंत बाद मौत हो गई। मनोज लखनऊ में संगठन के चुनाव में भाग लेने जा रहे थे।
शुक्रवार रात दस बजे फरीदपुर से एक किमी पहले अवैध स्लीपर बस की सामने से आ रही स्विफ्ट कार से टक्कर हो गई थी। तेज रफ्तार कार बस में घुस गई थी। आगे बैठे दो लोगों की मौत हो गई थी। जेसीबी से वाहनों को हटाकर आगे की सीट से ड्राइवर को निकाला जा सका। पीछे की सीट पर घायल शख्स की बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। वे जौनपुर कोतवाली क्षेत्र के बढ़कनपुर के 49 वर्षीय मनोज कुमार गुप्ता थे। शनिवार को आए उनके बेटे सार्थक ने बताया कि पिता अल्मोड़ा व पिथौरागढ़ क्षेत्र के आयकर अधिकारी थे। वे यूनियन के किसी चुनाव में शामिल होने लखनऊ जा रहे थे, वहां से उन्हें अपने घर जौनपुर भी जाना था। एमबीबीएस सेकेंड ईयर के स्टूडेंट सार्थक ने बताया कि उसकी मां जौनपुर के राज डिग्री कॉलेज में प्रोफेसर हैं। वहीं बड़ा भाई सक्षम हैदराबाद में अमेजन कंपनी में कार्यरत है।
सबसे पहले साहबलाल ने दम तोड़ा
मनोज गुप्ता के निजी कर्मचारी 55 वर्षीय साहबलाल भी जौनपुर के सुल्तानपुर नई गंज के निवासी थे। वे ड्राइवर के साथ आगे की सीट पर बैठे थे। हादसे में मनोज गुप्ता से पहले साहब लाल ने दम तोड़ दिया। वे गुप्ता के काफी नजदीकी थे और कई साल से उनके साथ रह रहे थे। साहबलाल के परिवार में उनकी पत्नी गिरिजा, दो बेटे सूरज और नीरज हैं। मनोज गुप्ता के निजी ड्राइवर के तौर पर 55 वर्षीय नासिर खां कई साल पहले से काम कर रहे थे। नासिर अल्मोड़ा शहर के नियाजगंज के निवासी थे। दूरदराज के दौरे या घर जाते वक्त वही मनोज गुप्ता के साथ जाते थे। वही, गाड़ी ड्राइव करके ले जा रहे थे, घटनास्थल पर उन्हीं की नजर चूकने से यह हादसा हुआ। उनके भांजे मुजफ्फर अली बरेली में ही रहते हैं। मामा की मौत की खबर पाकर सबसे पहले वही पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बताया कि मामा के चार बेटे और दो बेटी हैं, सभी की शादी हो चुकी है।