बरेली। उर्स में जुटी जायरीनों की भीड़ के आगे सारी ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई। हाईवे पर शाम को करीब पांच घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। भीड़ के बीच जाम में कई एंबुलेंस फंसी रहीं, जिनमें मौजूद मरीज परेशान रहे। भीड़ के आगे ट्रैफिक इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
ताजुश्शरिया अजहरी मियां के उर्स में जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े इंतजाम करने का दावा किया गया था। कई जगह बैरियर लगाने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन किया गया था। कई जिलों से ट्रैफिक पुलिस वाले बुलाए गए थे। उर्स के दौरान एंबुलेंस समेत सभी इमरजेंसी सेवाओं पर कोई प्रभाव न पड़ने का दावा किया था। बुधवार दोपहर बाद तक यातायात लगभग सामान्य रहा। मिनी बाईपास तिराहा से टेंपो, ई रिक्शा व चार पहिया वाहन रोक दिए गए थे, लेकिन दोपहिया वाहन सीबीगंज की ओर जाते रहे।
शाम चार बजे के बाद जायरीनों की संख्या बढ़ी शुरू हुई। करीब पांच बजे किला से लेकर परसाखेड़ा तक हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। इस दौरान एक 108 एंबुलेंस मिनी बाईपास व सीबीगंज के बीच और दो एंबुलेंस परसाखेड़ा में मदरसा के पास जाम में फंस गईं, जिन्हें निकलवाने को कोई पुलिस कर्मी तक नहीं पहुंचा। शाम करीब साढ़े छह बजे कुल के बाद हाईवे लगभग जाम हो गया। शहर की ओर पैदल आने जाने वाले भी रेंगकर चल रहे थे। हाईवे पर यह स्थिति रात करीब नौ बजे तक रही। भीड़ के आगे ट्रैफिक पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही थी।
हाईवे पर भीड़ में घुसी जायरीनों की बस
शाम करीब सात बजे जायरीनों से भरी एक बस सीबीगंज और किला के बीच कैंफर स्टेट कॉलोनी के सामने भीड़ के बीच घुस गई। इससे हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। पैदल चल रहे कुछ जायरीनों ने कड़ी मशक्कत के बाद बस को किनारे कराया। इस कारण वहां करीब आधा घंटे तक जाम लगा रहा।
शरारती युवकों ने की माहौल बिगाड़ने की कोशिश
रात करीब नौ बजे उर्स स्थल से जायरीन अपने घरों को लौट रहे थे। मदरसा से कुछ दूर जौहरपुर की तरफ भीड़ के बीच चल रहे कुछ युवकों ने आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसका विरोध होता इससे पहले मौके पर मौजूद दूसरे जायरीनों ने शरारती युवकों को डांटकर शांत कर दिया। इससे माहौल बिगड़ने से बच गया।