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महिला चिल्लाई- गरीबों की झोपड़ियां तोड़ते हो.. माफिया के कब्जे छोड़ते हो

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बरेली। नगर निगम की टीम ने बुधवार को मिनी बाईपास पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। मगर यहां भी सिर्फ आंखों को नजर आने वाले कब्जे ही हटाए गए। कार्रवाई के दौरान कई ट्रॉली रेता-बजरी जब्त करके 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। साथ ही झोपड़ियां भी ध्वस्त कर दी गईं। इस दौरान टीम जब मूर्तियां बनाने वाले लोगों को हटाने पहुंची तो महिला रोती हुई सामने आ गई, निगम टीम पर चिल्लाई गरीबाें की झोपड़ियां तोड़ते हो और माफिया के कब्जे छोड़े जा रहे हैं।
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मंगलवार को मिनी बाईपास पर अवैध अस्थायी अतिक्रमण चिह्नित कर निगम टीम बुधवाई को कार्रवाई के लिए पहुंची, मगर इससे पहले ही लोगों ने कब्जे हटाना शुरू कर दिया। अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रभारी ललतेश सक्सेना की अगुवाई में निगम टीम ने इज्जतनगर स्टेशन की ओर से सड़क किनारे रेता-बजरी का कारोबार करने वालों पर कार्रवाई शुरू की तो उनमें खलबली मच गई। सड़क किनारे कारोबार कर रहे आयुष गुप्ता पर विरोध के बीच निगम टीम ने दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा अजीम अहमद, हरविंदर सिंह और गुंजन पाल सिंह से पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना वसूलकर बृहस्पतिवार तक रेता-बजरी हटाने की हिदायत दी गई। कुछ व्यापारियों का रेता-बजरी और ईंटें भी जब्त की गईं। इस दौरान खासा विरोध भी हुआ लेकिन निगम टीम ने सख्ती दिखाकर रेता-बजरी कब्जे में ले लिया। साथ ही उनके बैठने के लिए बनाई गई झोपड़ियां भी ध्वस्त कर दीं।

मूर्तियां बनाने वालों को मिली मोहलत
मिनी बाईपास पर कुछ खानाबदोश सड़क किनारे ही झोपड़ी डालकर मूर्तियां बना रहे हैं। उनकी मूर्तियां और उनके सांचे सड़क किनारे रखे हैं। वहीं से उनकी बिक्री भी होती है। निगम टीम जब इन्हें हटाने पहुंची तो महिला रोने लगी और कहा- गरीबों की झोपड़ियां तोड़ी जा रही हैं, अमीरों के कब्जे छूटे पड़े हैं। वहीं, धार्मिक मूर्तियां होने के चलते भी निगम टीम सख्ती की हिम्तत नहीं कर सकी और उन लोगों को बृहस्पतिवार तक सामान हटाने की चेतावनी दे दी।
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पक्के कब्जों की जांच को पैमाइश नहीं
मिनी बाईपास पर अतिक्रमण कर सड़क की जमीन पर पक्के कब्जे करने वालों को निगम टीम ने अभयदान दे दिया। यहां पर भी न तो ऐसे किसी कब्जे की पैमाइश की गई और न ही उन पर कोई कार्रवाई हुई। इसके चलते लोग अभियान पर सवाल उठाते रहे।
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