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रेलवे ट्रैक पर चेहल्लुम मेला लगवाकर देवरनिया पुलिस ने भी मना ली ‘दिवाली’

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देवरनिया। शहर में जिस वक्त शासन से नामित अफसर सरकार की प्राथमिकताओं के नजरिये से यहां के सिस्टम का ‘ऑपरेशन’ कर रहे थे, ठीक उसी वक्त देवरनिया में पुलिस रेलवे ट्रैक पर चेहल्लुम का मेला लगवाकर उसकी रखवाली करने में जुटी हुई थी। देवरनिया स्टेशन से बमुश्किल सौ मीटर दूर रेलवे की जमीन पर लगे इस मेले में खरीदारी के लिए आए लोगों की भीड़ पूरे दिन रेल लाइनों पर जमी रही। इस वजह से रेलवे को कॉशन देकर यहां से ट्रेनें गुजारनी पड़ीं। पुलिस भी यहां मौजूद रही, लेकिन इतने भर के लिए कि कोई ट्रेन आने पर लोगों को ट्रैक से हटा दिया जाए।
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देवरनिया स्टेशन के पास रेलवे की खाली जमीन पड़ी है। मंगलवार को यहां लोगों ने बिना अनुमति चेहल्लुम का मेला लगा लिया। इसके बाद मेले में हजारों की भीड़ पूरे दिन ट्रैक पर घूम-घूमकर खरीदारी करती रही। स्टेशन मास्टर ने जब ट्रैक पर बेतहाशा भीड़ देखी तो पहले तो खुद रेलवे स्टाफ भेजकर लोगों को रेल लाइन से हटाने की कोशिश की लेकिन भीड़ फिर भी जमी रही तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन फिर भी मेला चलता रहा। हालत यह थी कि रेल लाइन से बमुश्किल आठ-दस मीटर की दूरी पर दुकानें लगा ली गई थीं। पुलिस के आने के बाद भी मेला खत्म नहीं हुआ तो स्टेशन मास्टर ने सतर्कता दिखाते हुए ट्रेनों को कॉशन देकर गुजारना शुरू किया।
हालांकि इसके बावजूद समस्या बनी रही। भीड़ देखकर कई बार ट्रेन को रोकना पड़ा। बाद में पुलिस फोर्स के साथ इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह ट्रेनों के आने पर भीड़ को ट्रैक से हटाने में जुटे, लेकिन पुलिस एक तरफ से भीड़ हटती तो दूसरी तरफ लोग फिर ट्रैक पर जमा हो जाते। रेल ट्रैक किनारे मेला लगने से बरेली-लालकुंआ पैसेंजर (अप/डाउन), हावड़ा एक्सप्रेस सहित कई मालगाड़ियां प्रभावित हुईं। बताया जाता है कि मेला लगाने की वैधानिक तौर पर तो अनुमति नहीं ली गई थी लेकिन आयोजकों ने पुलिस से बात कर ली थी। यही वजह रही कि पुलिस ने रेल ट्रैक से भीड़ हटाकर ट्रेनों को तो निकलवाया लेकिन एक बार भी रेलवे लाइन से सटी दुकानों को हटाने की कोशिश नहीं की। अमृतसर में पिछले साल हुआ बड़ा हादसा भी पुलिस को याद नहीं आया।
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रेलवे ग्राउंड पर लगाए गए इस मेले के लिए रेलवे से कोई परमीशन नहीं ली गई थी। ट्रैक पर भीड़ देखते हुए हमने ट्रेनें गुजारने के लिए कॉशन लिया था। रेलवे कर्मचारी भी ट्रेनों के गुजरते वक्त मुस्तैद रहे। इस मामले की सूचना कंट्रोल रूम को दे दी गई है। अब उन्हीं के स्तर से मामले में कार्रवाई की जाएगी। - मुकेश कुमार, स्टेशन मास्टर, देवरनिया

देवरनिया में रेलवे लाइन किनारे चेहल्लुम मेला परंपरागत रूप से कई दशकों से लगता आ रहा है। इस मेले की अनुमति भी नहीं ली जाती है। अगर रेलवे लिखकर देगा तो कार्रवाई की जाएगी। भारी भीड़ को किसी अनहोनी से बचाने के लिए पूरी फोर्स के साथ मैं मौके पर मौजूद रहा। ट्रेनें गुजरते समय पूरी सावधानी बरती गई। - राजकुमार सिंह, इंस्पेक्टर देवरनिया
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