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बहेड़ी पहुंचे एसएसपी पोर्टल की शिकायतें लंबित देखकर बिफरे

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बरेली/बहेड़ी। अवकाश से लौटे एसएसपी ने थानों के ओआर में फिर सख्त तेवर दिखाकर थानेदारों और दरोगाओं के पसीने छुड़ा दिए। शहर के थानों में विवेचनाओं की खामियों से नाराज एसएसपी ने 15 से अधिक थानेदारों की (पीआई) प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए। वहीं, बहेड़ी सर्किल के ओआर में उनके सवालों पर दरोगा बगलें झांकने लगे। दरोगाओं से कहा कि गांव में पुलिस की हनक होनी चाहिए, दलालों से दबने के बजाय उन्हें हवालात में बंद करें।
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एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने सोमवार रात इज्जतनगर, प्रेमनगर, बारादरी व बिथरी थानों का ओआर किया था। आधी रात तक एक-एक विवेचना को लेकर उन्होंने मंथन किया और दरोगाओं को सुस्त विवेचनाओं पर लताड़ा। थानेदारों से कहा कि प्राथमिकता से पुराना काम निपटाएं। बहेड़ी कोतवाली का मुआयना करने के बाद शेरगढ़, शीशगढ़ और देवरनिया थाने का भी ओआर किया। हालांकि दो दिन पहले एसपी देहात ओआर कर लंबित विवेचनाओं को टोकाटाकी कर निपटवा चुके थे। चारो इंस्पेक्टर विवेचनाओं के मामले में तो पास हो गए, लेकिन आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों के निस्तारण में फंस गए। बहेड़ी में तीन, शेरगढ़ में पांच, शीशगढ़ में तीन, देवरनिया में छह शिकायतें लंबित मिलीं तो एसएसपी भड़क गए। दरोगाओं को एक-एक कर बुलाया। बंद कमरे में पूछताछ की। कमरे से निकल रहे दरोगाओं के चेहरे की हवाइयां उड़ी नजर आ रही थीं। बाद में एससपी ने सभी के साथ बैठक कर कहा कि थानों, चौकियों में दलाल नहीं दिखने चाहिए।

आवास से नहीं चलेगी चौकी
बहेड़ी। नगर चौकी का दफ्तर जर्जर होने से चौकी इंचार्ज लंबे समय से थाने में बने आवासों से चौकी चला रहे है। कई साल पहले तत्कालीन चौकी इंचार्ज सलाउद्दीन लोगों से चंद कर चौकी का भवन बनवा गए थे लेकिन इसका उद्घाटन नहीं हो पाया। उनका तबादला होने के बाद भी चौकी अपने स्थान पर शिफ्ट नहीं हुई। जब एसएसपी ने पूछा नगर चौकी कहां हैं तो सब चुप्पी साध गए, फिर धीरे से आवाज आई कि भवन का उद्घाटन नहीं हुआ है। एसएसपी बोले- ऐसा नहीं चलेगा। इंस्पेक्टर ने भी तय किया कि एसएसपी के हाथों से ही वो चौकी के भवन का उद्घाटन कराएंगे। इंस्पेक्टर ने साहब के लिए लिट्टी चोखा का प्रबंध किया था। साहब ने आनंद के साथ खाया तो इंस्पेक्टर को तसल्ली मिली। फिर पूरे स्टाफ को लिट्टी चोखा खिलाया गया।
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