गणतंत्र दिवस पर रहेगी खास मुस्तैदी, डीआईजी बोले- बस्तियों में जाएं अफसर
बरेली। इस बार गणतंत्र दिवस पर शहर में सुकून कायम रखना पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। सत्ता के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों ने खतरे की घंटी बजाई है। फिलहाल बरेली में माहौल बेहतर है पर इसे कायम रखने में अफसर जीजान से जुटे हैं।
दिल्ली में शाहीन बाग के बाद लखनऊ और आगरा जैसे शहरों में पार्कों व सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने सीएए के खिलाफ धरने शुरू कर दिए हैं। इसमें कई जगह विरोध राजनीति प्रेरित भी है। बरेली में भी आजाद इंटर कॉलेज मैदान में धरने को इसी तरह का रूप देने की तैयारी थी, जो पुलिस प्रशासन की सजगता ने विफल कर दी। अब प्रशासन को डर है कि गणतंत्र दिवस पर किसी कार्यक्रम के बहाने इस तरह का धरना शुरू न हो जाए। पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) जैसे कई संगठनों ने गणतंत्र दिवस पर कार्यक्रमों के बहाने विरोध जताने का इरादा बनाया है। वैसे बरेली में इस संगठन का कोई नेटवर्क अभी सामने नहीं आया है फिर भी खुफिया अमला इसकी टोह ले रहा है। अफसरों ने भी पूरी तैयारी कर ली है। बुधवार को बहेड़ी में मुस्लिम समाज के एक बड़े कार्यक्रम को संबोधित करने डीआईजी पहुंचे थे। वहां लोगों ने उनसे संवाद किया, जिसमें सीएए और एनआरसी को लेकर काफी हद तक लोगों की गलतफहमी दूर हो गई। डीआईजी ने जिलों के अफसरों को भी इस संबंध में निर्देश दिए हैं कि वह बस्तियों और गलियों में जाकर लोगों को समझाएं। जनता से संवाद करें और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसे।
पुलिस लाइन में हुआ परेड का रिहर्सल
बरेली। गुरुवार को पुलिस लाइन में गणतंत्र दिवस से पहले परेड व कार्यक्रमों का रिहर्सल किया गया। यहां महिला पुलिस रिक्रूट ने गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड जैसा नजारा पेश किया। साथ ही पुलिस मार्डन स्कूल के बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की छटा पेश की। आरआई हरेंद्र सिंह ने परेड की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। साथ ही लाइन की साफ सपाई भी कराई।