फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतिबंधित नेपाली तेल पकड़कर एफएसडीए खुद चक्कर में.. अब ‘निपटाएं’ कैसे

विज्ञापन
विज्ञापन
एफएसडीए की सिरदर्दी: तस्करी के जरिये आया प्रतिबंधित तेल बेचने वालों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाना होगी मजबूरी
विज्ञापन

बरेली। तेल कारोबार में मिलावट और घटतौली की वजह से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले श्यामगंज बाजार नेपाली रिफाइंड पकड़े जाने के बाद नई हलचल शुरू हो गई है। लाइसेंस की शर्तों के साथ दूसरी कई गड़बड़ियां सामने आने से एफएसडीए भी चक्कर में पड़ गया है। मुश्किल यह है कि मामला निपटाना अब मुश्किल हो गया है और अगर मामला निपटा नहीं तो उसे नेपाल का तेल बेचने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी क्योंकि इसमें सीधे-सीधे तस्करी का मामला भी शामिल है।
दरअसल एफएसडीए के छापे भी उस संतुलन को कभी नहीं तोड़ते जो मिलावटखोरोे के साथ उनका तालमेल बनाए रखते हैं। छापों की कार्रवाई इसी वजह से एक सीमित दायरे में होती है। इसी के चलते बुधवार को एफएसडीए ने एक सामान्य कार्रवाई के तौर पर श्यामगंज मेें छापे मारे थे, नेपाली तेल पकड़े जाने तक एफएसडीए की टीम को भी पता नहीं था कि उसके सामने किस तरह की मुश्किल खड़ी होने जा रही है। छापे में नेपाली तेल पकड़े जाने के बाद जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने जब कारोबारियों से इस अवैध स्टाक का रिकॉर्ड मांगा तो लालचंद एग्रो से कोई रिकॉर्ड ही नहीं मिला। सुमित कुमार अशोक कुमार फर्म ने जो ई-वे बिल की कॉपी दी, उसकी एफएसडीए ने जांच नहीं की न इसे परीक्षण के लिए वाणिज्य कर विभाग को भेजा। इसलिए इस बिल पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

छापा मारने वाली टीम को दोनों स्थानों पर तेल के साथ अधिकृत लैब की रिपोर्ट भी नहीं मिली। इस वजह से खुद अफसर ही कह रहे हैं कि नेपाली तेल तस्करी करके लाया गया है, इस पर आपराधिक मामला भी बनता है लिहाजा मजबूरन उन्हें इस मामले में पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करानी पड़ सकती है। आम तौर पर एफएसडीए की टीम इतनी आगे जाकर कोई कार्रवाई नहीं करती लिहाजा यह मामला उसके लिए सिरदर्द बन गया है।
विज्ञापन

श्यामगंज इलाके का खाद्य अधिकारी संदेह के घेरे में
शहर का सबसे बड़ा किराना बाजार श्यामगंज में है और इसी बाजार में मिलावट के सबसे ज्यादा मामले सामने आते रहे हैं। बुधवार को एफएसडीए के छापे के बाद अफसरों में यह भी चर्चा रही कि श्यामगंज के खाद्य अधिकारी के स्तर से कभी मिलावट का कोई मामला क्यों नहीं पकड़ा जाता। नेपाल का तेल पकड़े जाने के बाद अफसर खाद्य अधिकारी का जवाबतलब करने के भी मूड में हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें