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बिना आयात श्यामगंज में बिकता पकड़ा नेपाली रिफाइंड ऑयल

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नमूने सील करती एफएसडीए की टीम। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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नीलकमल, महालक्ष्मी नाम से बिक रहा था, 300 टिन सीज, नमूने लैब भेजे
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बरेली। मिलावट करने वाले कुछ कारोबारियों ने अपने मुनाफे के लिए विदेशी रिफाइंड ऑयल बाजार में उतार दिया है। आयात नियमों को तोड़कर नेपाल से चोरी छिपे बड़ी मात्रा में ऑयल श्यामगंज और आसपास के गोदामों में छिपाकर रखा गया है। जानकारी मिलने पर एफएसडीए की टीम ने छापा लगाकर दो बड़े कारोबारियों के यहां अवैध खाद्य तेल बरामद कर उसे सीज कर दिया। इसके साथ ही नेपाली तेल के नमूने लेकर लैब भेजे गए हैं।
जिले भर में फैले मिलावटखोरों पर अब एफएसडीए हमलावर होता दिख रहा है। इसके तहत सहायक आयुक्त खाद्य संजय पांडे ने एक गोपनीय सूचना पर श्यामगंज, गंगापुर और ब्रह्मपुरा में छापे लगाए। सुमित कुमार अशोक कुमार फर्म पर पहुंची टीम ने नेपाली खाद्य तेल के स्टाक के बारे में पूछा। इस पर फर्म के व्यापारी पहले तो बहाना बनाने लगे। सख्ती होने पर उन्होंने गोदाम में रखे नेपाली रिफाइंड सोयाबीन नीलकमल ब्रांड और रिफाइंड पामोलिन ऑयल के दो सौ टिन दिखा दिए। टीम ने भंडारित विदेश खाद्य तेल के कागजात मांगे, जो व्यापारी उपलब्ध नहीं करा सके। टीम ने दो ब्रांड के सैंपल भरकर दो सौ टिन ऑयल सीज कर दिया।
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इसके बाद अफसर लालचंद एग्रो फर्म पर पहुंचे, वहां ताला लगा मिला तो जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने कारखाना सीज करने के आदेश दे दिए। इसकी जानकारी मिलते ही व्यापारी मौके पर पहुंच गया और कारखाना खोल दिया। वहां पर भी नेपाली उत्पाद नीलकमल मिला। इसके कागजात भी व्यापारी नहीं दिखा पाया। इस पर टीम ने मौके पर बरामद सौ टिन सीज कर दिए। यहां बड़ी मात्रा में महालक्ष्मी ब्रांड नाम से एक किलो की पैकिंग भी मौजूद थी। एफएसडीए की टीम ने दो ब्रांड के सैंपल लिए हैं।
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जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा ने बताया कि चार नेपाली उत्पादों के सैंपल भरकर लैब भेजे गए हैं। कारोबारी आयात संबंधी लाइसेंस और अन्य कागजात नहीं दिखा पाए, इसलिए दो फर्मों को नोटिस जारी होंगे। इससे बाद विभाग ठोस कार्रवाई होगी। चोरी-छिपे विदेशी खाद्य तेल बेचना गलत है।
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