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ठंड में साहब घरों से नहीं निकलते इसलिए निदेशक ने तड़के मारा छापा

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फिर न हो बिजली विभाग की खिंचाई इसलिए आधी रात ही पॉवर कारपोरेशन निदेशक ने अफसरों की क्लास लगाई
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ई-रिक्शा चार्जिंग के अवैध स्टेशन की तलाश में तड़के पुराना शहर में छापा मारा, 28 कनेक्शन पकड़े
7 हजार से ज्यादा ई रिक्शा चल रहे हैं शहर और आसपास के इलाकों में
300 से ज्यादा स्टेशनों पर अवैध कनेक्शनों के जरिए किए जाते हैं चार्ज
बरेली। सिर्फ बरेली शहर में ई रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर हर महीने तीन करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की बिजली चोरी, यह एक मिसाल है कि कोई सरकारी विभाग किस हद तक भ्रष्टाचार करने का हौसला रखता है और उस पर निगरानी करने के जिम्मेदारों की नींद कितनी गहरी हो सकती है। करोड़ों की एकमुश्त बिजली चोरी का यह खुलासा शायद अब भी न होता अगर प्रमुख सचिव नवनीत सहगल की समीक्षा का खौफ न होता और लखनऊ से आए पॉवर कॉरपोरेशन के निदेशक अचानक आकर छापे न मारते। इस छापे में पांच चार्जिंग स्टेशनों पर 28 अवैध कनेक्शन पकड़े जाने के बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पॉवर कॉरपोरेशन में भ्रष्टाचार की जड़ें पुरानी हैं और काफी गहरी हो चुकी हैं। बरेली जोन में भी बेशुमार घोटाले सुर्खियां बन चुके हैं। लगातार इन घोटालों को अनदेखा किया जाता रहा और इसका नतीजा यह हुआ कि लाइन लॉस, राजस्व वसूली और बिजली चोरी समेत तीनों मोर्चों पर अब जवाबदेही की नौबत है। रविवार को शहर में घने कोहरे और कंपकंपाने वाली सर्दी के बीच तड़के करीब साढ़े चार बजे पॉवर कॉरपोरेशन के निदेशक विजय कुमार का खुद चीफ इंजीनियर, एसई और एक्सईन के अलावा तीन विजिलेंस टीमों के साथ छापे मारने के लिए निकलना इसी का नतीजा माना जा रहा है। पुराना शहर के कई इलाकों में इन छापों का नतीजा निदेशक के लिए भी हैरतअंगेज निकला।
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पुराना शहर के सैलानी में मीरा की पैठ रोड पर शाहनवाज, कांकरटोला में सोहराब, कटीकुइयां में अनीस, जोगीनवादा में उस्मान और शमशाद के ठिकानों पर ई रिक्शा की बैटरी चार्ज करने के लिए चलाए जा रहे 28 कनेक्शन इन छापों के दौरान पकड़े गए। विजिलेंस टीमों ने छापों की कार्रवाई पूरी करने के बाद चार्जिंग स्टेशनों से बरामद उपकरण और केबल बगैरह कब्जे में ले लिया। इसके बाद पांचों लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गई। इन छापों के बाद बरेली के अफसरों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची दिखाई दे रही हैं।
एक-एक अवैध कनेक्शन 15-15 किलोवाट का, रोजाना दस लाख से ज्यादा की चोरी
कई बार अखबारों की सुर्खियां बनने के बावजूद चुप्पी साधे बैठे थे अफसर
ई रिक्शा की बैटरी चार्ज करने के लिए बनाए गए स्टेशनों पर जो अवैध कनेक्शन पकड़े गए, वे 15 से 20 किलोवाट तक के थे। पॉवर कॉरपोरेशन के ही सूत्रों के मुताबिक शहर भर में चल रहे सात हजार से ज्यादा ई रिक्शा चार्ज करने के लिए ऐसे तीन सौ से ज्यादा अवैध स्टेशन हैं जिनमें से एक पर भी वैध कनेक्शन नहीं है। रात में ही ई रिक्शा लाकर इन स्टेशनों पर खड़े कर दिए जाते हैं और फिर सुबह तक उनकी बैटरी चार्ज किए जाने का सिलसिला चलता रहता है। मोटे अनुमान के मुताबिक एक स्टेशन पर ही रोजाना चार से पांच हजार रुपये तक की बिजली फूंक दी जाती है, इस तरह हर महीने यह बिजली तीन से चार करोड़ के बीच बैठती है। ऐसा भी नहीं है कि यह मामला विभागीय उच्चाधिकारियों की जानकारी में न हो। कई बार यह मामला अखबारों की सुर्खियां भी बन चुका है लेकिन अफसरों ने न कभी उसका संज्ञान लिया न उसकी तस्दीक करने की कोशिश की। सूत्रों के मुताबिक हर स्टेशन से विभाग का महीना बंधा हुआ है और यह कमाई कई अफसरों की भी जेब में भी पहुंच रही है।

बकायादारों के काटे दिखाए कनेक्शन चलते पाए तो भन्नाए निदेशक ने छापे पड़वाए
पॉवर कॉरपोरेशन में चल रहे भ्रष्टाचार से अब पूरे सिस्टम का बंटाधार होने की नौबत है। सूत्रों का कहना है कि इस बार राजस्व की वसूली गिरकर चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है जो आमतौर पर सौ प्रतिशत से भी ज्यादा रहती थी। इसके अलावा लाइन लॉस भी बढ़कर 30 फीसदी के पार चला गया है जिसे निदेशक विजय कुमार के मुताबिक कॉरपोरेशन 10 फीसदी से नीचे लाने की कवायद में जुटा हुआ है। जिले के नोडल अफसर के तौर पर करीब डेढ़ महीने पहले प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने अपने बरेली दौरे में जब समीक्षा की तो पॉवर कॉरपोरेशन में वसूली के खराब हालात पर अफसरों से जवाब मांगा था। इसी वजह से अफसर 16 और 17 जनवरी को उनका दोबारा दौरा होने से पहले जवाबदेही से बचने की तैयारी कर रहे हैं। इसी के तहत शनिवार को यहां पहुंचे पॉवर कॉरपोरेशन के निदेशक विजय कुमार ने बकायादारों के कागजों में काटे दिखाए गए कनेक्शनों की जांच कराई थी जिसमें 70 फीसदी कनेक्शन चलते पाए गए थे। इस पर भन्नाए विजय कुमार ने रात में ही पॉवर कॉरपोरेशन विजिलेंस के डीजी कमल सक्सेना को फोन कर मदद मांगी। इसके बाद रविवार को तड़के छापे मारने का कार्यक्रम तय हुआ। इसके लिए तीन विजिलेंस टीमें बनाई गई थीं। छापों में खुद निदेशक विजय कुमार के साथ चीफ इंजीनियर और एसई भी शामिल रहे।

उठा सवाल.. ऊर्जा मंत्री बरेली के प्रभारी फिर भी यह हालत
ई रिक्शा चार्जिंग स्टेशनों पर छापों में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी मिलने के बाद यह सवाल भी उठता रहा कि ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के ही बरेली का प्रभारी मंत्री नियुक्त होने के बावजूद वसूली, बिजली चोरी और लाइन लॉस पर अफसरों की यह बेपरवाही कमाल की है। कर्मचारियों के बीच चर्चा रही कि श्रीकांत शर्मा के प्रभारी मंत्री बनने के बावजूद हालात में सुधार न आना इस बात का प्रमाण है कि विभाग की व्यवस्था न सुधर सकने वाले हालात तक बिगड़ चुकी है।

बुरा हाल: बहेड़ी में अब तक 10 और मीरगंज में सिर्फ 14 फीसदी वसूली
60 करोड़ की आरसी पर अब तक नाम-पते दुरुस्त नहीं करा पाए
शासन का दबाव बढ़ने के बाद कुछ समय पहले पॉवर कॉरपोरेशन की ओर से 65 करोड़ के बकायादारों के खिलाफ आरसी वसूली के लिए प्रशासन को भेजी गई थीं। प्रशासनिक मशीनरी जब इन पर वसूली के लिए सक्रिय हुई तो पता चला कि करीब 60 करोड़ की आरसी पर नाम-पते ही ठीक नहीं हैं। नतीजा यह हुआ कि वसूली रुक गई। शासन से जवाब मांगा गया तो प्रशासन ने कॉरपोरेशन के अफसरों से आरसी पर नाम-पते ठीक कराने को कहा, डीएम की ओर से इस बारे में शासन को भी लिखा गया लेकिन बताया जा रहा है कि अब तक नाम-पते दुरुस्त नहीं हो पाए हैं। बिलों की वसूली की हालत भी बेहद खराब है। एडीएम वित्त की ओर से अब प्रमुख सचिव नवनीत सहगल के दौरे का हवाला देते हुए सभी एसडीएम को राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
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तहसील वसूली फीसदी
सदर 44.78
बहेड़ी 10.72
आंवला 13.65
नवाबगंज 31.02
फरीदपुर 53.28
मीरगंज 14.34

सरकार को महंगी पड़ रही बिजली
पॉवर कारपोरेशन निदेशक विजय कुमार ने बताया कि बढ़ती बिजली चोरी और बकाया वसूली न होने से थ्रूरेट गिर गया है यानी सरकार को बिजली काफी महंगी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि विभाग ने लाइन लॉस सिंगल डिजिट में करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने साफ कहा कि चोरी रोकने के लिए अभियान तेज होगा और चोरी कराने वाले स्टाफ पर भी कार्रवाई होगी।
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