राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नक्शे से किया जाएगा नदी के रुख का आकलन
पीड़ित किसानों की खतौनी के आधार पर होगा नुकसान का मूल्यांकन
बरेली। डोहरा रोड पर नकटिया नदी की मुख्य धारा को छोड़कर खेतों में खुदाई करके नदी का रुख बदलने के खेल की जांच शुरू हो गई है। एसडीएम सदर तक यह मामला पहुंचने के बाद तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक और लेखपालों की छह सदस्यीय टीम गठित कर दी है। टीम पैमाइश करके राजस्व रिकार्ड से यह मिलान करेगी कि नदी का नक्शा और मौके पर उसके बहाव की स्थिति क्या है? साथ ही पीड़ित किसानों की खतौनी में कितनी कृषि भूमि दर्ज है और मौके पर उसका कितना क्षेत्रफल रह गया है। टीम किसानों के भी बयान दर्ज करेगी।
अवैध कब्जों की वजह से रूहेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे डोहरा रोड पर नकटिया नदी लगभग सूख चुकी है। लंबे समय से माफिया की नजर नदी की जमीन पर है। वे पटान कर उस पर अतिक्रमण करने में लगे हैं, लेकिन बाढ़ खंड के अधिकारियों ने आज तक नदी की पैमाइश करके उसे कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई नहीं की है। बाढ़ खंड को नदी की सफाई के लिए हाल में करीब 15 लाख रुपये मिले थे। कुछ दिन पहले डोहरा रोड पर पुल के पास नदी की सफाई करने के नाम पर ‘खास मकसद’ से कुछ जगह पर मिट्टी की खुदाई कर दी गई। इस पर आसपास के कई किसानों की शिकायत है कि बाढ़ खंड स्टाफ ने नदी की मुख्य धारा के बहाव स्थल को मिट्टी से पाट दिया है और उनके खेतों को काटकर नदी के बहाव की दिशा बदल दी गई है। गौरतलब है कि बाढ़ खंड ने लाखों रुपये खर्च कर सैकड़ों टन मिट्टी को नदी से हटाने के बजाय वहीं ढेर लगा दिए हैं। बारिश के दौरान यह मिट्टी बहकर फिर नदी में चली जाएगी। यह खेल सामने आने के बाद एसडीएम ईशान प्रताप सिंह ने इसकी जांच शुरू करा दी है। तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने छह सदस्यीय राजस्व टीम गठित कर दी है। इसमें राजस्व निरीक्षक भूदेव गंगवार के अलावा लेखपाल राकेश शर्मा, जयनारायन, विजयपाल, संजीव गुुप्ता और हरद्वारी लाल को शामिल किया गया है। यह टीम राजस्व अभिलेखों में दर्ज नदी के नक्शे और मौके पर खुदाई की जांच करेगी। साथ ही पीड़ित किसानों के खेतों का भी रिकॉर्ड देखेगी।
मौके पर पहुंचे एक्सईएन, किसानों से पूछताछ की
नकटिया नदी की सफाई के नाम पर गड़बड़ी और किसानों के खेतों के उजाड़ने का मामला सामने आने के बाद बाढ़ खंड के एक्सईएन राजेंद्र कुमार स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नदी की खुदाई और उसके बहाव को देखा। साथ ही पीड़ित किसानों से भी बात की। किसानों ने बताया कि खेतों की खुदाई के समय उन्होंने इसका विरोध किया था तो उन पर केस दर्ज कराने की धमकी दी गई थी।
इस मामले की जांच करने के लिए छह सदस्यीय राजस्व टीम बना दी है। पैमाइश करने के बाद नदी का रुख मोड़ने की साजिश की सत्यता की जांच कराई जाएगी। टीम को हफ्तेभर के अंदर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। - आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर
मैंने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। राजस्व विभाग की तरफ से जांच कराई जा रही है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। - राजेंद्र कुमार, एक्सईएन, बाढ़ खंड