एडीएम प्रशासन ने डूडा से मांगी पात्र और अपात्र लाभार्थियों की सूची
बरेली। आसरा योजना के तहत गरीबों के लिए बनवाए गए सस्ते आवासों का आवंटन पांच साल से लटका है। इसके लिए डूडा को लाभार्थियों का चयन करना है। इसमें लगातार देरी को देखते हुए एडीएम प्रशासन ने डूडा पीओ से यह रिपोर्ट मांगी है कि किन आवासों के लिए कितने लाभार्थियों की लिस्ट तैयार हुई है। उसमें कितने पात्र मिले थे और उनमें कितनों का आवासों का आवंटन किया जा चुका है।
शासन ने स्थानीय निकायों में गरीबों के लिए निशुल्क आवासों के निर्माण कराए हैं। सपा शासनकाल में वर्ष 2014-15 में इस योजना को मंजूरी मिली थी, लेकिन इस योजना को अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। डूडा पीओ की ओर से एडीएम प्रशासन वीके सिंह को रिपोर्ट भेजी गई है। इसमें कई जगहों पर तो लाभार्थियों की सूची का सत्यापन तक नहीं हुआ है। पीओ डूडा के अनुसार सदर तहसील के क्षेत्र खड़ौआ और सनेयारानी में आसरा आवासों के लिए 1850 फार्म जमा हुए थे। जांच में 630 पात्र और 351 अपात्र मिले थे। अब तक 426 फार्म का सत्यापन होना है। इसी तरह रिठौरा में 288 फार्म में 51 ही पात्र मिले हैं। इनकी भी जांच बाकी है। नगर पालिका बहेड़ी में 50, देवरनिया में 210, शेरगढ़ में 24 और फरीदपुर में 210 आवासों का निर्माण कराया गया है। इसमें अभी पात्र और अपात्र भी चयनित नहीं हो सके है। इसी तरह फरीदपुर में 512 और आंवला में 180 लाभार्थियों ने फार्म जमा किए थे। इन सूची की भी जांच होनी है। शाही और मीरगंज में आवासों का आवंटन कर दिया गया है। शाही में 22 फार्म में 18 पात्र और मीरगंज में 156 फार्म में 40 ही पात्र लाभार्थी मिले थे। डूडा पीओ शैलेंद्र भूषण का कहना है कि सूची का सत्यापन कराया जा रहा है।