बरेली। आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू होने के बावजूद हड़ताल न खत्म करने पर लेखपालों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने गुरुवार को तहसील परिसर में धरना देने पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष और मंत्री को नामजद करते हुए 100 लेखपालों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है। इसके अलावा लेखपाल संघ के 30 पदाधिकारियों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई भी की गई है। इससे पहले बुधवार को तहसील के सभी अध्यक्ष और मंत्री को सस्पेंड किया जा चुका है।
वेतन, प्रमोशन सहित आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल 10 दिसंबर से हड़ताल पर हैं। इससे तहसील कोर्ट के साथ ही राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। शासन ने 13 दिसंबर को एस्मा लागू कर दिया। इसके बावजूद लेखपालों ने हड़ताल समाप्त नहीं की। शासन के आदेश का उल्लंघन करने पर बुधवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष संजीव सिंह और मंत्री भूषित सक्सेना के साथ सभी छह तहसीलों के अध्यक्ष और मंत्री को निलंबित किया जा चुका है। इसके बावजूद लेखपालों ने सदर तहसील परिसर में बृहस्पतिवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। शासन के आदेश पर ऐसे लेखपालों पर कार्रवाई जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार और मंत्री भूषित सक्सेना को नामजद करते हुए धरना देने वाले 100 अन्य लेखपालों के खिलाफ कोतवाली में एसडीएम की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल वापस न लेने पर लेखपालों पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शासन के आदेश के बावजूद लेखपाल हड़ताल नहीं खत्म कर रहे। इसके लिए धरना देने वाले लेखपालों पर एफआईआर और ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की गई है। ड्यूटी पर न लौटने वाले लेखपालों पर और भी कड़ी की जाएगी। -वीके सिंह, एडीएम प्रशासन