बरेली। नागरिकता कानून के विरोध में डेलापीर सब्जी मंडी बंद रखने की अफवाहें बुधवार से ही फैलाई जा रही थीं। गुरुवार सुबह भी करीब 10 बजे अफवाह फैली कि दोपहर से मंडी गेट बंद कर दिए जाएंगे और फिर शुक्रवार तक मंडी में कारोबार नहीं होगा। इसके बाद मंडी परिसर में फड़ों पर एकाएक सब्जियों के भाव बढ़ा दिए गए। इस शरारत की जानकारी मिलने के बाद मंडी परिषद सचिव ने चेतावनी जारी कर दी कि बगैर अनुमति आढ़त और कारोबार बंद कराने वालों के लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे।
गुरुवार सुबह 10 बजे अचानक नियोजित तरीके से अफवाह फैलाई गई कि मंडी कारोबार दोपहर से बंद हो जाएगा जो शुक्रवार को भी बंद रहेगा। जरूरत होने पर बंदी आगे भी बढ़ाई जा सकती है। इस अफवाह से मंडी में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। फड़ वालों ने सब्जियों की 50 प्रतिशत तक कीमतें बढ़ा दीं। नया आलू नया 18-20 रुपये प्रति किलो से 30 रुपये तक पहुंच गया। प्याज भी 80-90 रुपये प्रति किलो बेचा गया। मटर, टमाटर के दाम भी करीब 25 प्रतिशत तक ज्यादा वसूले गए।
अफवाहों के बीच गुरुवार शाम थोक कारोबार नहीं हुआ। आढ़ती दोपहर बाद प्रतिष्ठान बंद कर चले गए। बरेली मंडी से करीब 60 शहरों और उपनगरों को सब्जी सप्लाई होती है। गुरुवार शाम तीन-चार गाड़ियां ही भेजी जा सकीं। तमाम कारोबारी साफ करने में जुटे रहे कि बंदी की कोई योजना नहीं है। उनका कहना था कि महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक आदि राज्यों से सब्जी बरेली आती है जो तीन-चार दिन में यहां पहुंच पाती हैं। ऐसी स्थिति में अगर कारोबार बंद ही रखना था तो कम से कम पांच दिन पहले बताना चाहिए था।
बिना अनुमति मंडी बंद करना गैरकानूनी है। जबरन कारोबार बंद कराने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उनके लाइसेंस निलंबित किए जाएंगे। शरारती तत्वों पर निगरानी के लिए पुलिस को सूचना दे दी गई है। - अनिल कुमार, मंडी सचिव