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पैंट के ऊपर पट्टी करो या चोट पर मफलर बांधो.. सजा नहीं मिलेगी

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लापरवाही पर क्यारा सीएचसी कर्मियों को सीएमओ ने चेतावनी देकर छोड़ा

बरेली। सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ असंवेदनशील व्यवहार के मामले यूं ही सामने नहीं आते हैं। दरअसल, स्वास्थ्य कर्मियों के पता होता है कि जांच के नाम पर उन्हें सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा। क्यारा सीएचसी पर दो मरीजों के साथ हुई लापरवाही पर ऐसा ही हुआ है। सीएमओ ने सीएचसी कर्मियों को चेतावनी देकर मामला रफा-दफा कर दिया।
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अक्तूबर माह के दूसरे सप्ताह में सड़क हादसे में एक मरीज पैर में चोट आयी। उसे प्राथमिक उपचार के लिए क्यारा सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां मौजूद स्टाफ ने चोट पर मरहम पट्टी करने के बजाय पैंट के ऊपर से ही पट्टी बांध दी। इसके बाद मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसी तरह 29 नवंबर को सड़क हादसे में घायल एक युवक को यहां लाया गया। उसके सर पर गंभीर चोट लगी थी। उसके साथ भी असंवेदनशीलता दिखाते हुए सीएसची स्टाफ ने सर पर मफलर लपेटकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। सीएमओ डॉ. विनीत कुमार शुक्ल ने बताया कि पैंट के ऊपर से पट्टी बांधने वाले मामले में उस दिन डॉक्टर सीएचसी पर नहीं थे। उनकी ड्यूटी गंगा मेले में लगायी गयी थी। एक कर्मी ने खून अधिक बहता देख उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। उसे चेतावनी दी गयी है। वहीं मफलर स्वास्थ्य कर्मी ने नहीं बांधा था। परिजन ने वहां इलाज कराने से मना करते हुए खुद ही मफलर बांध दिया था।
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