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बड़े साहब ने बांटी 40 रजाई.. 30 पुलिस वालों की फौज लगाई

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बड़े साहब ने बांटी 40 रजाई.. 30 पुलिस वालों की फौज लगाई - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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समाजसेवा के बहाने चाय की दुकान का जलवा कायम, पुलिस का भारी अमला देख सवाल करते नजर आए लोग
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बमुश्किल सौ मीटर दूर संडे मार्केट और श्यामगंज चौराहे पर लगा जाम, पुलिस ने नहीं की परवाह

बरेली। समाजसेवा के बहाने कैसे जलवा कायम किया जाता है, रविवार को श्यामगंज में हजारों लोगों ने यह नजारा देखा। गरीबों को सिर्फ 40 रजाइयां बांटने के लिए डीआईजी राजेश पांडेय को बुलाया गया और व्यवस्था संभालने के लिए जोड़तोड़ कर कोतवाली-बारादरी समेत कई थानों से करीब 30 पुलिस वालों की फौज भी यहां तैनात करा ली गई जिनमें इंस्पेक्टरों के साथ 10-12 दरोगा और इतनी ही महिला पुलिस कर्मी थीं। बाकी तादाद सिपाहियों की भी थी। दिलचस्प यह कि इसी दौरान बमुश्किल सौ मीटर दूर सड़क पर लगे संडे मार्केट की वजह से जाम लगा हुआ था, लेकिन उधर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
यह सारा झमेला इस रोड पर चाय की एक मशहूर दुकान पर फैला हुआ था। सुबह 11 बजे ही यहां पुलिस वालों को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया। पास ही में 40 रजाइयों का ढेर लगा था जो गरीबों में बांटी जानी थीं। करीब सवा बारह बजे डीआईजी के आने तक ये पुलिस वाले चाय की दुकान की शोभा बढ़ाते रहे। डीआईजी पहुंचे और गरीबों को रजाइयां बांटीं, ठीक इसी दौरान सेटेलाइट रोड पर लगाए गए संडे मार्केट की वजह से लगे जाम में तमाम गाड़ियां फंसी हुई थीं। लेकिन वहां पब्लिक की दुश्वारी देखने की फुर्सत पुलिस नहीं निकाल पाई। उधर, श्यामगंज चौराहे पर बेतहाशा ट्रैफिक को संभालने के लिए भी सिर्फ दो होमगार्ड मौजूद थे, वहां भी जाम लगा हुआ था। ऑटो और टेंपो की भीड़ ने सड़क को ब्लॉक कर दिया था लेकिन पुलिस ने यहां भी जाम को खुलवाना कम महत्व का काम समझा और उधर नहीं गई।
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चाय की दुकान के बाहर 30 से ज्यादा पुलिस वालों को तैनात देखकर उत्सुकतावश सड़क चलते लोग भी ठहर गए। मालूम पड़ा कि रजाइयां बांटी जा रही हैं तो सवाल करते नजर आए। लोगों का यह भी कहना था कि पुलिस वैसे भी यहां की चाय की मुरीद है। अक्सर शाम को इस दुकान पर पुलिस की गश्ती गाड़ियां खड़ी दिखती हैं और पुलिस वाले चाय की चुस्कियां लेते रहते हैं, लेकिन रजाई बांटने के लिए डीआईजी को बुलाकर ज्यादा ही बड़ा झमेला फैला दिया गया। करीब आधा घंटा रजाई वितरण कार्यक्रम चला, इस दौरान पुलिस पूरी तत्परता से इंतजाम संभालने में जुटी रही। कार्यक्रम निपटते ही पूरी फौज चलती बनी।
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सड़क पर जाम लगने के बारे में मुझे जानकारी नहीं थी, अन्यथा मैं कहीं से भी गुजरता हूं और जाम जैसी स्थिति होती है तो फौरन समस्या का समाधान कराता हूं। संबंधित थाना पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए। अगले सप्ताह मैं खुद इसे दिखवाऊंगा। - राजेश पांडेय, डीआईजी
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