शहर विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर सपा में खींचतान बढ़ती जा रही है। शेर अली जाफरी के शहर से चुनाव लड़ने से इनकार करने के बाद पार्टी की फजीहत हो ही रही थी कि मेयर डॉ. आईएस तोमर के प्रत्याशी बनने की चर्चा ने पार्टी में घमासान तेज कर दिया है। वीरपाल और मेयर के बीच टिकट को लेकर आधे घंटे की एकांत में बातचीत से उन्हें टिकट मिलने की अटकलोें को बल मिला है। मेयर को टिकट देने के विरोध मेें पूर्व प्रदेश सचिव अनिल शर्मा खुलकर सामने आ गए हैं। एमएलसी के टिकट कटने से नाराज अनिल शर्मा ने मेयर को कमजोर प्रत्याशी बताकर हाईकमान के सामने आपत्ति दर्ज करने की बात कही है।
समाजवादी पार्टी ने पिछले महीने शेर अली जाफरी को शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किया था। शेर अली जाफरी ने भोजीपुरा से चुनाव लड़ने की मंशा जताकर बड़े नेताओं के मंसूबों पर न केवल पानी फेर दिया बल्कि पार्टी की भी किरकिरी भी करा दी। अब पार्टी जाफरी को न निगल पा रही है और न ही उगल पा रही है। यही वजह है कि जाफरी के इनकार के पांच दिन बाद भी पार्टी के बड़े नेता इस मसले पर कोई निर्णय नहीं ले पा रहे। फिलहाल, शहर सीट से शेर अली जाफरी का टिकट कटना तय माना जा रहा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मेयर डॉ. आईएस तोमर शहर से सपा का प्रत्याशी बनने की जुगत में हैं। पार्टी के कुछ पार्षदों ने मेयर को शहर से प्रत्याशी बनाने की मुहिम भी चला रखी है। इसकी भनक लगते ही पूर्व प्रदेश सचिव अनिल शर्मा खुलकर विरोध में उतर आए हैं।
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मेयर डॉ. आईएस तोमर 2007 में शहर सीट से एमएलए का चुनाव लड़ चुके हैं। तब वह सिर्फ कुछ वोटों से अपनी जमानत बचा पाए थे। उन्हें टिकट मिलता है तो नौ विधानसभाओं में वह पार्टी के सबसे कमजोर प्रत्याशी होंगे। मैं यह बात हाईकमान के सामने भी रखूंगा।
- अनिल शर्मा, पूर्व प्रदेश सचिव सपा
जो लोग मुझे टिकट मिलने पर विरोध करने की बात कह रहे हैं, वह खूब विरोध करें। मैंने किसी भी सीट से विधानसभा चुनाव का टिकट नहीं मांगा है।
- डॉ. आईएस तोमर, मेयर