बरेली। पीएम मोदी ने इस बार शहर में रोड शो के जरिये साइलेंट पॉलिटिक्स का नया प्रयोग किया। इस बार मोदी ने राम-राम नहीं की तो उनको देखने जुटी भीड़ ने जय श्रीराम का उद्घोष किया। बुजुर्गों-महिलाओं के सामने से गुजरे तो पीएम ने हाथ जोड़े। युवाओं को कमल का चिह्न दिखाकर लुभाया पर उनकी जुबां खामोश रही। उनकी भाव-भंगिमाओं पर पूरा शहर थिरक उठा। यह अलग बात है कि शहरवासियों की मोदी को सुनने की इच्छा अधूरी रह गई।
बरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पहला रोड शो था। इससे पहले वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने महानगर काॅलोनी के पीछे मैदान में जनसभा की थी। तब वह प्रधानमंत्री नहीं बने थे। अब शुक्रवार को बंगाल और बिहार में जनसभा के बाद शाम को वह शहर में रोड शो करने पहुंचे थे, लेकिन चेहरे पर थकान दूर-दूर तक नहीं थी। भगवा वाहन पर पीएम का भगवा कुर्ता और हाथ में कमल का चिह्न... एक-एक चीज को बेहद संजीदगी से संजोया गया था।
1.2 किलोमीटर के रोड शो के दौरान गाड़ी की गति इतनी धीमी रही कि लोगों को यह शिकवा न रहे कि वे अपने नेता को जी भर कर देख नहीं पाए। रोड शो के दौरान पीएम ने कमल का चिह्न दिखाकर सांकेतिक भाषा में भाजपा को वोट देने की अपील की। मोदी-मोदी के नारे और श्रीराम के जयकारे लगाकर युवाओं ने भी जोशीले अंदाज में संकेत दिया कि वह उनकी बात समझ चुके हैं।
लोगों को उम्मीद थी कि रोड शो खत्म होने पर मोदी कुछ बोलेंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। रोड शो खत्म होने पर दोनों हाथ उठाकर जनता में जोश भरा, इस अंदाज में जैसे जनसभा के अंत में जयकारा लगवाते हैं- जय श्रीराम।