बरेली। सिटी बस सर्विसेज के तहत संचालित ई-बसों में सवारियों की संख्या दोगुनी हो गई है। प्रबंधन का कहना है कि बसों में रोजाना औसतन यात्रियों की संख्या 5300 के पार हो गई है। कम किराया होने के कारण यात्रियों की संख्या में यह इजाफा हुआ है।
25 ई-बसों का संचालन बरेली-मनौना, बरेली-शीशगढ़ और बरेली-शेरगढ़ किया जा रहा था। देहात के रूटों पर जहां रोजाना औसतन 2700 सवारियां मिलती थीं। नवंबर 2025 में महानिदेशक नगरीय बस सेवा के आदेश पर सभी बसों का संचालन नगर निगम की सीमा के तहत शहर में शुरू कर दिया गया। शहर में संचालन शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या घटकर 400-500 तक सिमट गई थी। इसके बाद तीन रूटों पर 60 स्टॉपेज तय किए गए। एक जनवरी 2026 से न्यूनतम तीन किलोमीटर तक का किराया 12 से घटाकर पांच रुपये कर दिया गया। इसके साथ ही एक रूट पर बदलाव करते हुए छह नए स्टॉपेज भी तय किए गए। बाद में ई-बसों को एयरपोर्ट और फनसिटी तक एक्सटेंशन दिया गया। इसके बाद स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है।
इन दिनों बसों में रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 5300 तक पहुंच गई है। कम किराया, आरामदेह और सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ ज्यादा संख्या में लोग सिटी बसों का रूख कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बसों में एसी की सुविधा है। गर्मियों के सीजन में यात्रियों की संख्या और बढ़ेगी।
बैटरी खराब होने से एक ई-बस ऑफ रोड
- सिटी बस सेवा के बेड़े में 25 ई-बसें हैं। पिछले दिनों बैटरी खराब होने के कारण एक बस ऑफ रोड है। फिलहाल 24 बसों का संचालन किया जा रहा है। 24 बसों में रोजाना औसतन 5300 लोग यात्रा कर रहे हैं। 25वीं बस भी ऑनरोड आने के बाद यात्रियों की संख्या में और सुधार होगा। यह बस अगले सप्ताह तक दौड़ने लगेगी।
किराया घटाने का मिला फायदा
- ई-बसों में न्यूनतम किराया 12 रुपये था, जबकि ऑटो, ई-रिक्शा वाले पांच से 10 रुपये में यात्रा करा देते थे। ऐसे में ऑटो, ई-रिक्शा चालकों को मात देने के लिए किराया घटाकर न्यूनतम पांच रुपये और अधिकतम 40 रुपये कर दिया गया। इसके बाद से यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।
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वर्जन-
इन दिनों एक बस बैटरी खराब होने के कारण ऑफरोड है। 24 बसों का संचालन हो रहा है। रोजाना यात्रियों की संख्या औसतन 5200-5300 तक पहुंच गई है। देहात के रूटों पर जहां रोजाना औसतन 2700 यात्री मिलते थे वहीं शहर में अब यह संख्या दोगुनी हो गई है। - मनीषा दीक्षित, प्रबंधक संचालिका सिटी बस सर्विसेज