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जन्माष्टमी पर भी शहरवासियों को बिजली नहीं.. भड़के ऊर्जा मंत्री

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सीबीगंज में ट्रांसफार्मर लगाते बिजली कर्मी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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कई बिंदुओं पर मांगा स्पष्टीकरण तो अफसरों ने भेजा गोलमोल जवाब, हो सकती है अफसरों की भूमिका की जांच

बरेली। जिले भर में पहले से बिजली की सप्लाई का हाल खराब होने के बावजूद जन्माष्टमी पर भी कोई तैयारी न करने के मामले में अफसरों पर ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा की निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। सोमवार को ऊर्जा मंत्री ने इस पर जवाब मांगा तो जोनल चीफ इंजीनियर कार्यालय में अफरातफरी मच गई। अफसरों ने तमाम कारण गिनाते हुए ऊर्जा मंत्री को जवाब तो भेज दिया लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं हुए। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अफसरों की भूमिका की जांच कराई जा सकती है।
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पिछले साल भी शहर में जन्माष्टमी के दिन बिजली सप्लाई की स्थिति से पूरे शहर में गुस्सा दिखा था। यही हालात दिवाली पर भी रहे फिर भी विभागीय अफसरों ने सबक नहीं लिया। इस बार फिर जन्माष्टमी से पहले कोई कार्ययोजना नहीं बनी। हमेशा की तरह देहात और शहर में ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इसका प्रस्ताव ही कार्यालयों में जहां के तहां जाम पड़ा है। मंदिरों में सजावट के बाद मंगलवार और बुधवार की रात काफी लोड बढ़ेगा लेकिन अभी से यह हाल है कि हर आधे घंटे में फाल्ट और ट्रिपिंग हो रही है। उधर सीबीगंज में 220 केवी स्टेशन पर बड़ा ट्रांसफार्मर ठप हो चुका है। उसकी जगह लगाया जा रहा नया ट्रांसफार्मर 12 अगस्त से पहले चालू होना संभव नहीं है। औद्योगिक इलाकों में कटौती से उद्मी अलग नाराज हैं। चूंकि ऊर्जा मंत्री ही जिले में प्रभारी मंत्री भी है लिहाजा बिजली विभाग पर जमकर सवाल उठ रहे हैं।
अखबारों में बिजली की अव्यवस्था सुर्खियाें में आने के बाद इसका संज्ञान लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने सोमवार को अफसरों पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने सुबह ही जोनल चीफ इंजीनियर से इस पर स्पष्टीकरण मांगा तो चीफ इंजीनियर कार्यालय में अफरातफरी मच गई। जोनल चीफ इंजीनियर तारिक मतीन कुछ दिनों से कार्यालय नहीं आ रहे थे लेकिन ऊर्जामंत्री की जवाबतलबी के बाद सुबह कार्यालय पहुंचकर बिंदुवार जवाब तैयार कराया। सूत्रों के मुताबिक इस जवाब में चहेतों को बचाने के लिए खराब मौसम और लाइनों पर पेड़ गिरने जैसी घटनाओं को बिजली सप्लाई प्रभावित होने का कारण बता दिया गया। 63 एमवीए ट्रांसफार्मर के फुंकने को भी पारेषण का मामला बता दिया। सिविल लाइंस 132 केवी स्टेशन को कोहाड़ापीर सब स्टेशन क्यों जोड़ा गया और जन्माष्टमी पर क्या तैयारी है, इसका रिपोर्ट में उल्लेख ही नहीं किया गया है।

63 एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने को मंगाई क्रेन

सीबीगंज में 220 केवी स्टेशन पर 63 एमवीए ट्रांसफार्मर लगाने का काम सोमवार सुबह शुरू हो गया। इसके लिए खास क्रेन मंगाई गईं जिससे उठाकर ट्रांसफार्मर को निर्धारित जगह पर रखा गया। इससे पहले रविवार को इसका तेल साफ किया गया था। फाउंडेशन पर ट्रांसफार्मर लगने के बाद दूसरे तकनीकी परीक्षण होंगे और फिर उसे चार्ज किया जाएगा। इन परीक्षणों के बाद धीरे-धीरे लोड पर लिया जाएगा। एक्सईएन एके गुप्ता सोमवार सुबह से ही अधीनस्थों के साथ ट्रांसफार्मर लगाने में जुटे। इस ट्रांसफार्मर की वजह से शहर के सात सब स्टेशन प्रभावित हैं। कई ग्रामीण क्षेत्र भी इससे जुड़े हुए हैं।
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