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पब्लिक के मन की बात- बेतुके सर्किल रेट बढ़ाए.. जितने की जमीन नहीं, उससे कई गुना टैक्स लग जाए

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बरेली। सर्किल रेट में मनमाने इजाफे से कुछ जगह जमीन की कीमतें बाजारी मूल्य से ज्यादा करने की तैयारी है। ऐसे में खरीदारों को सर्किल रेट के अनुसार उस रकम का हिसाब देना पड़ेगा जो उन्होंने दी ही नहीं है। साथ ही, कैपिटल गेन के चलते आयकर के घेरे में आ जाएंगे। इसको लेकर दस्तावेज लेखक कल्याण समिति और क्रेडाई ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कीमत न बढ़ाने की पैरवी की है। फिलहाल अभी आपत्तियां स्वीकारने की प्रक्रिया जारी है और 30 जुलाई को डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह इन पर फैसला करेंगे।
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आपत्ति नंबर-एक : किसानों चाहते हुए भी नहीं बेच पा रहा जमीन
दस्तावेज लेखक कल्याणकारी समिति ने अपनी आपत्ति में कहा है कि किसी गांव में अगर कोई कॉलोनी बसी है तो गांव की उससे जुड़ी जमीन के सर्किल रेट भी कालोनी वाले ही कर दिए गए हैं। सचिव राजेश सक्सेना का कहना है कि ऐसे में किसानों को सर्किल रेट के हिसाब से जमीन की कीमत तो नहीं मिल रही लेकिन उन्हें रजिस्ट्री के दौरान उन्हें स्टांप सर्किल रेट के अनुसार ही देने पड़ेंगे। उन्होंने कृषि भूमि के सर्किल रेट अलग से तय करने की मांग की है। कहा है कि अकृषक जमीन के रेट दो गुना तक हो सकते हैं।

आपत्ति नंबर-दो : कैपिलट गेन से पब्लिक को हो रहा नुकसान
एडीएम वित्त के यहां दर्ज कराई शिकायत में क्रेडाई का कहना है कि आयकर की धारा-50 सी को सर्किल रेट से जोड़ दिए जाने से संपत्तियों का क्रय-विक्रय नहीं हो पा रहा है। सर्किल रेट बहुत ज्यादा होने से पहले ही कैपिटल गेन की दिक्कत बनी हुई है। क्रेडाई अध्यक्ष रमनदीप का कहना है कि अगर किसी संपत्ति की कीमत 50 लाख रुपये है और सर्किल रेट ज्यादा होने से उसका आकलन 1.50 करोड़ हो गया है। इससे सर्किल रेट के हिसाब से ज्यादा स्टांप शुल्क देना होगा। साथ ही धारा-50 सी के तहत एक करोड़ का अंतर, जो विक्रेता को नहीं मिला है, उसे कैपिटल गेन मानते हुए उस पर टैक्स लिया जाएगा। क्रेता को भी इस रकम का स्पष्टीकरण देना होगा, जो कि उसने दी ही नहीं है।
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अपत्ति नंबर-तीन
आबादी के पास जमीन दिखाकर बढ़ा दिए सर्किल रेट
सिविल लाइंस में नवाब साहब का अहाता के रहने वाले अनुराग सक्सेना ने अपनी आपत्ति में कहा है कि उनके क्षेत्र का सर्किल रेट पास की कॉलोनी और मोहल्लों से अलग करके तय हो। राजीव कालोनी सुभाषनगर के कुशेंद्र सिंह चौहान की आपत्ति है कि उनकी 1.185 हेक्टेयर भूमि आंवला के ग्राम चाड़पुर बल्लिया में है। इस भूमि को आबादी के पास दिखाकर सर्किट रेट काफी बढ़ा दिए गए हैं।
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