लखीमपुर खीरी। नेपाल को अड्डा बनाकर आतंकियों को रकम पहुंचाने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर यूपी एटीएस और लखीमपुर खीरी पुलिस ने शुक्रवार को चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह ने नेपाल के एक बैंक की वेबसाइट हैक कर 49 लाख रुपये निकाले थे। गिरफ्तार लोगों से 4.75 लाख भारतीय रुपये और 1.65 लाख नेपाली रुपये बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है। चार अन्य की तलाश है जो गिरफ्तार इन चार लोगों को कमीशन देकर नेपाल से रुपये मंगाने के बाद भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए दिल्ली व अन्य जगह भेजते थे। लखनऊ पुलिस मुख्यालय में प्रेस वार्ता में डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि इस रैकेट से जुड़े लोग विदेश से नेपाल के बैंकों में आने वाली मुद्रा को भारतीय मुद्रा में तब्दील कर लखीमपुर खीरी के रास्ते देश भर में भेजते थे। इन रुपयों का प्रयोग आतंकी गतिविधियों के संचालन में किया जाता था।
एसपी पूनम ने बताया कि लखीमपुर खीरी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नेपाल से अवैध रूप से धन मंगवाकर भारत में आतंकवादी गतिविधियां चलाने वाले लोगों को पहुंचा रहे हैं। इसके बाद सीमा पर सतर्कता बढ़ाते हुए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। शुक्रवार को निघासन पुलिस ने क्राइम ब्रांच की टीम के साथ गिरोह के चार लोगों को दबोच लिया। इनमें उम्मेद अली पुत्र शराफत अली और समीर सलमानी उर्फ बदरुद्दीन बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव परतापुर चौधरी के रहने वाले हैं। जबकि अन्य दो संजय अग्रवाल पुत्र संतलाल अग्रवाल लखीमपुर जिले के ही कस्बा तिकुनियां और एराज अली पुत्र शाहिद तिकुनियां के गांव बदालपुरवा का रहने वाला है। संजय अग्रवाल से 1.65 लाख नेपाली रुपये, उम्मेद अली से दो लाख, समीर से 1.50 लाख और एराज के पास से 1.25 लाख भारतीय रुपये मिले। इसके अलावा चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वे लोग मुमताज पुत्र अहमद निवासी ग्राम डांगा (तिकुनियां) और बरेली के परतापुर चौधरी गांव के ही फहीम पुत्र बरकततुल्ला और सदाकत अली व सिराजुद्दीन की रणनीति के आधार पर काम करते थे। जिसका उन्हें कमीशन मिलता था। एसपी का कहना है कि मुमताज, फहीम, सदाकत और सिराजुद्दीन के पकड़ में आने के बाद ही पता चल सकेगा कि किस आतंकी संगठन तक यह पैसा पहुंचाया जाता था। पता चला है कि विदेशों से रकम मंगाने के बाद उसे बैंक की वेबसाइट हैक करने के बाद ही उस रकम को निकालते थे ताकि किसी को पता न चले।
हैक कर निकाली रकम नेपाल के दो लोगों के खातों में की थी ट्रांसफर
एसपी ने बताया कि गिरोह ने जनकपुर (नेपाल) स्थित राष्ट्र बैंक नेपाल की वेबसाइट हैक कर 49 लाख रुपये की नेपाली करेंसी विजय सिंह (मधेसी) और रामचंद्र बुड्ढा निवासी भजनी जिला कैलाली (नेपाल) के कृषि विकास बैंक की भजनी शाखा में ट्रांसफर की थी। कमीशन लेकर इन दोनों खाताधारकों ने रकम निकालकर उम्मेद अली, समीर और एराज को दी। यही रकम उनके पास शुक्रवार को बरामद हुई। इसके अलावा कुछ रकम अन्य लोगों के माध्यम से भी भारत भेजी गई। नेपाल के खातों से रुपये निकालने के बाद अधिकतर रकम भारत की सीमा में लाकर भारतीय मुद्रा में बदल ली गई थी। गिरफ्तार हुए चारों लोगों को इसके लिए छह प्रतिशत कमीशन मिला था। इस भारतीय मुद्रा को फहीम और सदाकत के पास पहुंचाना था। पहले भी इस तरह रकम वे पहुंचा चुके हैं। फहीम और सदाकत इन रुपयों को दिल्ली पहुंचाते थे।