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ऊलजलूल फतवे जारी करने और भड़काऊ बयान देने के आरोपी मोईन सिद्दीकी उर्फ चोटी कटवा गिरफ्तार

Tue, 20 Aug 2019 12:57 AM IST
बरेली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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- फोटो : अमर उजाला
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ऊलजलूल फतवे जारी करने और भड़काऊ बयान देने के आरोपी मोईन सिद्दीकी उर्फ चोटीकटवा को एडीजी तक शिकायत पहुंचने के बाद किला पुलिस ने सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया। उसे मंगलवार को जेल भेजा जाएगा। थाने में बैठे आरोपी ने फरहत नकवी के साथ ही निदा पर भी निशाना साधा। कहा कि जब इनकी टीआरपी कम होती है तो उसे निशाने पर ले लेती हैं।

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रविवार दोपहर मेरा हक फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने किला थाने मका घेराव कर महिलाओं के साथ धरना दिया था। उन्होंने इंस्पेक्टर डीसी शर्मा से तीखी तकरार की थी। इसमें आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ फतवा जारी करने वाले मोईन सिद्दीकी उर्फ चोटी कटवा ने तीन दिन पहले नया फतवा जारी कर उन्हें तीन दिन में देश से निकालने का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा है कि शिया लोग सच्चे मुसलमान नहीं होते। उन्हें काफिर बताया गया है। भड़काऊ बयान और माहौल बिगाड़ने की साजिश के बाद भी उसे नहीं पकड़ा जा रहा। इस पर मौके पर आई सीओ टू ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

सोमवार दोपहर पत्रकारों ने इस मामले में एडीजी जोन अविनाश चंद्र से बात की। उन्हें चोटीकटवा और उसकी हरकतों के बारे में बताया गया। उन्होंने पीआरओ विप्लव शर्मा से इस मामले में संबंधित थाना पुलिस से जानकारी तलब कर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। शाम को किला इंस्पेक्टर ने चोटी कटवा को गिरफ्तार कर लिया। उसे थाने लाया गया। काफी मशहूर हो चुके चोटीकटवा को देखने कई लोग पहुंचे। दुबले पतले शख्स मोईन ने खुद को बेकसूर बताया। कहा कि उसने हाल ही में कोई बयानबाजी या फतवा जारी नहीं किया है। फरहत अपने पति से तीन तलाक का मुकदमा हार गई हैं। तलाक पीड़िताओं की लड़ाई लड़ने का दावा करने वाली फरहत का कद इससे कम हुआ है। तब उन्होंने पुराने मामले को नई घटना बताकर प्रचारित कर दिया है।

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पहले निदा और फरहत से रुपये लेकर दिया था फतवा

चोटी कटवा ने बताया कि वह वह फैजाने मदीना कौंसिल संस्था का राष्ट्रीय अध्यक्ष है। उसकी संस्था गरीबों-बेसहारों के लिए काम करती है। डेढ़ साल पहले फरहत और निदा में अच्छे संबंध थे। तब दोनों ने ही उसे दो लाख रुपये देने का लालच दिया था और दस-दस हजार रुपये दिए भी थे। कहा था कि वह उनके खिलाफ चोटी काटने जैसा फतवा जारी करे जिससे उनका कद बढ़ जाएगा। राजनैतिक दल उन्हें हाथोंहाथ ले लेंगे और उनके मंत्री बनने का सपना पूरा हो जाएगा। बताया कि उसने इनके कहने पर ही फतवा दिया और बाद में इन्होंने उसे फंसा दिया। वह कांकरटोला में रहता है और एसी दुरुस्त कर बेचने का काम करता है। उसने फरहत के करीबी युवक शारिक के मोबाइल से फरहत से बात की थी। इसमें भी फरहत ने उसे कहा था कि निदा की बुराई करो तभी वो आगे बढ़ेंगी। बाद में किसी ने साजिशन वो ऑडियो वायरल कर दिया। उसने पिछली साल 25 जुलाई को दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाश सिंह को भी सच्चाई बताई थी और इन दोनों के खिलाफ एक फाइल उन्हें सौंपी थी।

जेल से लौटकर फरहत-निदा की खिलाफत करूंगा
चोटी कटवा का कहना था कि उसने आज तक शिया समुदाय की बुराई नहीं की है। उसने ऐसा किया होता तो शिया समुदाय के आलिम उस पर कार्रवाई कराते। उसने आज तक जो भी फतवे या प्रेसनोट जारी किए हैं वो खुद हाथ से लिखकर किए हैं। फरहत जो भी फतवा दिखा रही हैं वो टाइप किए हुए हैं और उन पर अंग्रेजी में दस्तखत हैं। अंग्रेजी न तो वह जानता है और न ही लिख सकता है। इसलिए ये साफ हो गया है कि उसे फंसाया जा रहा है। जेल से निकलने या जमानत के बाद वो तलाक पीड़िताओं को निदा और फरहत की हकीकत बताएगा। धरना प्रदर्शन भी कर सकता है।

भाई बोला- इसे छोड़िएगा मत
चोटी कटवा की गिरफ्तारी के बाद किला थाने पहुंचे उसके भाई ने इंस्पेक्टर से कहा कि इसे छोड़ मत दीजिएगा। ये दो सौ रुपये लेकर कोई भी फर्जी फतवा जारी कर देता है और कुछ भी ऑडियो या वीडियो बनाकर माहौल खराब कर सकता है। पूरा परिवार इसकी हरकतों से तंग है। वे लोग इसकी जमानत भी नहीं कराएंगे। पुलिस इसके खिलाफ कोई भी सख्त कदम उठा सकती है।

मोईन सिद्दीकी के खिलाफ जो धाराएं लगी हैं, वे गिरफ्तारी के लिए काफी नहीं थीं। पुलिस ने समाज में फैलाए जा रहे भ्रम और माहौल खराब होने की स्थिति में विशेष अधिकार का प्रयोग कर उसकी गिरफ्तारी की है। उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस उसे सख्त सजा दिलाने को पैरवी करेगी। - डीसी शर्मा, इंस्पेक्टर किला
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