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77 दिन बाद छात्रा को को मिली सलाखों से मुक्ति

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शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी एलएलएम की छात्रा को 77 दिन बाद सलाखों से मुक्ति मिल गई। छात्रा को छुड़ाने के लिए उसके माता-पिता करीब एक महीने तक प्रयागराज में डेरा जमाए थे।
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चिन्मयानंद और छात्रा के बीच दुष्कर्म और फिरौती का मामला 24 अगस्त को फेसबुक पर छात्रा का वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया। छात्रा ने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने के साथ ही कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने की बात भी कही थी। फेसबुक पर वीडियो वायरल करने के बाद छात्रा के लापता होने की जानकारी हुई थी। इसके बाद छात्रा के पिता ने 25 अगस्त को चौक कोतवाली में एसएस लॉ कॉलेज के प्रबंधक व पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद पर अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। मामला सुर्खियों में आने के बाद वकील ओमसिंह ने मीडिया को बताया था कि चिन्मयानंद से अज्ञात लोगों ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने के साथ पांच करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है। इस मामले की चौक कोतवाली में 25 अगस्त को रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। दो दिन बाद 27 अगस्त को छात्रा के पिता की ओर से चिन्मयानंद व अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। छात्रा 30 अगस्त को अपने दोस्त संजय के साथ राजस्थान के दौसा में मिली। मगर तब तक मामला सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में पहुंच चुका था। छात्रा को खोजने वाली पुलिस उसी दिन छात्रा को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची। जहां दो जजों ने छात्रा से बात की और प्रदेश सरकार को एसआईटी गठित कर मामले की जांच कराने को कहा था।
छह सितंबर से एसआईटी ने दोनों मामलों की जांच शुरू की तो परतें खुलने लगीं। इस दौरान छात्रा का चिन्मयानंद को तेल मालिश करने वाला वीडियो वायरल हुआ और वहीं छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम का भी फिरौती मांगे जाने से जुड़ा वीडियो वायरल हो गया। इन तथ्यों को जोड़ते हुए एसआईटी ने दुष्कर्म के आरोप में चिन्मयानंद को 20 सितंबर को मुमुक्षु आश्रम से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं इसी दिन फिरौती के आरोपी छात्रा के दोस्त संजय, सचिन और विक्रम को जेल भेजा गया था।
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एसआईटी ने छात्रा को एक दिन 25 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। छात्रा की जमानत जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी थी। इसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत अर्जी डाली गई थी। चार दिसंबर को हाईकोर्ट ने छात्रा की जमानत मंजूरी कर ली थी। दो दिन बाद छात्रा की रिहाई का आदेश सीजेएम कोर्ट पहुंचा। सोमवार को जमानत प्रपत्र सीजेएम कोर्ट में दाखिल किए गए थे। जमानत प्रपत्रों के सत्यापन के बाद सीजेएम कोर्ट से बुधवार शाम रिहाई परवाना जारी कर दिया गया। देर शाम छात्रा को सलाखों से बाहर निकाला गया।
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