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रिश्तेदार ने पहचाने आरोपी के कपड़े

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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण को लेकर नाले में चले सर्च अभियान के दौरान जब कागजात और कपड़े मिले तो एसआईटी का शक पक्का हो गया कि इसका ताल्लुक केस है। लेकिन नाले में मिला टाप किसका है। इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। बाद में एसआईटी ने वहीं पास में रहने वाली आरोपी संजय की एक नजदीकी रिश्तेदार से कपड़ों की शिनाख्त करवाई तो उन्होंने बताया कि वह टाप छात्रा का है।
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चिन्मयानंद का मुमुक्षु आश्रम शहर से होकर गुजरती गर्रा नदी के पुल और बरेली मोड़ के बीच है। मुमुक्षु आश्रम के आगे से होकर एक नाला बना है, जो बरेली मोड़ तक गया है। वहीं अजीजगंज पुलिस चौकी के पास नाला किनारे छात्रा के दोस्त व चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के आरोपी संजय के एक नजदीकी रिश्तेदार का घर और दुकान है। सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण से पहले संजय और छात्रा का रिश्तेदार के घर खासा आना जाना था। इसी नाते उस घर के लोग छात्रा के कपड़ों और कुछ चीजों को भली भांति जानते हैं। इसलिए एसआईटी ने उन लोगों पूछताछ की।
शनिवार को सुबह करीब 11 बजे एसआईटी, चौक कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आवास एवं विकास परिषद कॉलोनी बरेली मोड़ के पास पहुंची। उनके साथ नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी थे। एसआईटी के निर्देश पर निगम कर्मियों ने नाले के पानी को दोनों तरफ से रोक दिया। उस बीच के पानी को जनरेटर के जरिये बाहर निकाला गया। पानी निकलने के बाद पांच-छह सफाई कर्मचारी नाले के अंदर घुसे और कीचड़ के अंदर से एक-चीज बाहर निकालकर देखना शुरू किया। नाले के अंदर से विधि क्लास की पुस्तकें, कपड़े और अन्य चीजें निकलीं है। सबसे पहले विधि की पुस्तकों के कुछ फटे हुए पन्ने निकले। विधि की पुस्तकों के पन्ने निकलने के बाद एसआईटी की टीम व पुलिस को पक्का यकीन हो गया कि यहां जरूर कुछ ना कुछ फेंका गया है, जो केस से संबंधित है। तलाश जारी रही इसके बाद एक बक्सा मिला जिसके अंदर लेडीज पर्स व कपड़े मिले। फिलहाल एसआईटी की टीम ने जो भी सामग्री नाले की सफाई के दौरान मिली उसे पानी से उचित ढंग से साफ कराकर कब्जे में ले लिया गया है। शाम लगभग पांच बजे सर्च ऑपरेशन बंद कर दिया गया।
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