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पड़यंत्र रचने में फंस सकते हैं कई नेता,कालेज प्रबंधक भी

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शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण में कॉलेज प्रबंधन से जुड़े कुछ लोग और कुछ नेता एसआईटी के सीधे निशाने पर हैं। इनके बारे में छात्रा और उसके दोस्त संजय, सचिन, विक्रम से पूछताछ के दौरान मिले सबूतों के आधार पर छानबीन लगभग पूरी कर ली गई है। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी इन लोगों के खिलाफ धारा 120 बी के तहत कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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दरअसल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कर रही है। इसलिए टीम इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है और कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए, इसमें जिस किसी भी व्यक्ति का नाम सामने आया, उसे कठघरे में खड़ा कर लिया है। चिन्मयानंद और फिरौती के मामले में आरोपी पीड़ित छात्रा व उसके दोस्तों से कई चरणों में पूछताछ के दौरान एसआईटी के सामने कुछ अन्य लोगों के नाम सामने आए। तथ्यपरक जानकारी मिलने पर एसआईटी ने इन लोगों से भी कई बार पूछताछ की। इनमें से कुछ लोगों को एसआईटी इस केस में षड्यंत्र में शामिल होने के तौर पर देख रही है। पूछताछ के दौरान छात्रा ने चिन्मयानंद के आश्रम में पहली बार जाने पर लॉ कॉलेज के प्रबंधन से जुड़े एक जिम्मेदार व्यक्ति का नाम खुले तौर पर लिया था। लिहाजा एसआईटी ऐसे लोगों के षड्यंत्र में शामिल होने पर कार्रवाई कर सकती है। एसआईटी के प्रमुख आईजी नवीन अरोरा और आईपीएस भारती सिंह भी टीम के सदस्यों के साथ पुलिस लाइन स्थित कैंप कार्यालय में मौजूद रहीं।
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