शाहजहांपुर। चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच कर रही एसआईटी अब तक तथ्यों की सत्यता जांचने में जुटी है। ताकि यह पता लग सके कि इस प्रकरण में कॉलेज प्रबंधन से जुड़े लोगों की संलिप्तता है या नहीं। छात्रा और उसके दोस्त संजय से जुड़े तारों को खंगालने के लिए बाहर गए एसआईटी प्रमुख आईजी नवीन अरोरा और आईपीएस भारती सिंह बुधवार को शहर लौट आए।
एसआईटी ने चिन्मयानंद और छात्रा प्रकरण की जांच शुरू की तो नित नए चौंकाने वाले तथ्य सामने आते गए। मसलन जिस छात्रा के अपहरण की बात कही गई वो छात्रा राजस्थान के दौसा में एक होटल में अपने दोस्त के साथ मिली, जिस पर उसने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि वह चिन्मयानंद और उनके लोगों से खतरा होने की वजह से डर कर दौसा में रह रही थी। छात्रा ने जब एसआईटी के सामने बयान दिए तो कॉलेज प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों पर अंगुली उठाई गई। इसी आधार पर एसआईटी ने एसएस कॉलेज के प्राचार्य अवनीश मिश्रा, एसएस लॉ कॉलेज के प्राचार्य संजय बरनवाल व कॉलेज प्रबंधन से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ की। एसआईटी जांच के आधार पर चिन्मयानंद और दुष्कर्म पीड़ित छात्रा और उसके दोस्तों को जेल भेज चुकी है। अभी तक छात्रा और संजय का मोबाइल एसआईटी के हाथ हाथ नहीं लग पाया है। एसआईटी ने सचिन और विक्रम को रिमांड पर लेकर दौसा राजस्थान संजय का मोबाइल बरामद करने पहुंची थी, लेकिन वहां टीम को मोबाइल का कवर और कुछ पार्ट्स ही मिल पाए। अब एसआईटी यह जानने में लगी है कि इस केस में किसकी कितनी संलिप्तता है।