शाहजहांपुर। स्वामी चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने के मामले में आरोपी दुष्कर्म पीड़ित छात्रा ने जेल से वकील के माध्यम से सीजेएम की कोर्ट को भेजे गए पत्र में एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए हैं। उसने कहा है कि एसआईटी ने उसके दुष्कर्म मामले की जांच पर एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया है।
सूत्रों का कहना कि छात्रा ने कोर्ट को भेजे गए पत्र में कहा है कि उसने दिल्ली में पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसके साथ दुष्कर्म किया। दिल्ली पुलिस ने उसकी दी गई तहरीर को एसआईटी को सौंपा। एसआईटी ने उसकी दुष्कर्म वाली तहरीर के आधार पर विवेचना का एक अंश भी नहीं जोड़ा और कहानी को इधर-उधर मोड़ते हुए उसे फंसाने का काम किया है। आरोप लगाया कि जांच दूसरी दिशा में चलती रही, जबकि वह पीड़ित है और उसकी नहीं सुनी गई। ऐसा माना जा रहा है कि बहस के दौरान छात्रा कोर्ट में मौजूद रह सकती है। हालांकि इस संबंध में कोर्ट की ओर से अभी निश्चित तारीख तय नहीं है। संभावना है कि सोमवार को छात्रा के प्रार्थना पत्र पर दुष्कर्म मामले को लेकर बहस हो सकती है।