शाहजहांपुर। दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद और फिरौती मांगने के आरोपी, संजय, सचिन, विक्रम और छात्रा के जेल जाने के बाद इस प्रकरण से जुड़े कुछ और लोग भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। दोनों ही मामलों में पर्दे के पीछे कौन लोग काम कर रहे थे। एसआईटी कड़ी से कड़ी मिलाकर उन तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। एसआईटी अधूरी जांच पूरी कर मय साक्ष्यों के साथ विवेचना की प्रगति की रिपोर्ट 22 अक्तूबर को कोर्ट में पेश कर सकती है।
एसआईटी ने अपनी जांच में अभी तक दुष्कर्म और फिरौती मांगने के आरोपियों की पड़ताल कर उन्हें जेल में भिजवाया। लेकिन जांच के दौरान कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं। मोबाइल कॉल डिटेल्स और वीडियो फुटेज ने दोनों ही मामलों में पांच आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की बातचीत की पड़ताल की जा रही है। इसमें कुछ ऐसे लोग भी हो सकते है, जो इस मामले से आर्थिक और राजनैतिक फायदा उठाने की फिराक में थे। फिरौती मामले में आरोपी छात्रा ने भी शिक्षा से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति को कठघरे में खड़ा किया है। उसने आरोप लगाया है कि वह ही पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने उसे स्वामी तक पहुंचाया था। ऐसे ही उसने कॉलेज प्रबंधन व शिक्षण कार्य से जुड़े लोगों पर सवाल उठाए थे, जिसके मद्देनजर एसआईटी ने संबंधित लोगों से कई बार पूछताछ की। अब एसआईटी को ऐसे लोगों की संलिप्तता की जांच करनी है। हालांकि एसआईटी की जारी इस विवेचना से कुछ लोगों के चेहरे की हवाईयां उड़ रही हैं कि कब धार उनके ऊपर रख दी जाए।
इधर छात्रा द्वारा स्वामी पर दुष्कर्म का आरोप लगाए जाने के बाद से मामले को लेकर उलझे परिवार को रुपयों की फंडिंग को लेकर सवाल पर एसआईटी ने बताया कि सारी चीजें जांच में शामिल की जा रही हैं।