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एसआईटी ने चिन्मयानंद से फिरौती मांगने के मामले में छात्रा से की पूछताछ

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शाहजहांपुर। स्वामी चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के मामले में आरोपी छात्रा से एसआईटी ने दो घंटे तक सवाल-जवाब किए। एसआईटी का सारा जोर छात्रा के मोबाइल को कब्जे में लेने का है। बताया जा रहा है कि उसमें कुछ अहम साक्ष्य हैं।
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स्वामी चिन्मयानंद से फिरौती मांगे जाने के मामले में एसआईटी छात्रा से कुछ अहम साक्ष्य जुटाने में लगी है, जो उसे अभी प्राप्त नहीं हो पाया है। छात्रा का एक मोबाइल महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है उस मोबाइल को कहीं छिपा दिया गया, जिसे प्राप्त करने को छात्रा के दोस्त संजय को रिमांड पर मांगा गया था। पर कोर्ट ने रिमांड संबंधी प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को एसआईटी फिरौती मामले में ही पूछताछ करने गई थी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार छात्रा ने एसआईटी के कई सवालों का जवाब दिया तो कुछ को वह टाल गई। कुछ सवालों पर उलझती नजर आई। अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में जाने के बाद एसआईटी कुछ और साक्ष्य तलाश रही है।
एसआईटी की गाडिय़ां रुकते ही मोहल्ले में मची खलबली
स्वामी चिन्मयानंद प्रकरण में पीड़ित छात्रा के घर के बाहर जैसे ही एसआईटी की गाड़ियां रुकी तो वैसे ही लोगों ने समझा की फिरौती के मामले में आरोपी छात्रा को टीम गिरफ्तार करने आई है। लोग अपने घर के सामने दूर से नजारा देखते रहे। टीम के लौटने के बाद अटकलों पर विराम लग गया। छात्रा के घर के आसपास के लोगों ने बताया कि एसआईटी मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे आई और दो घंटे बाद छात्रा से पूछताछ के बाद घर से बाहर आई।
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एसआईटी ने लिया छात्रा को अभिरक्षा में
हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद छात्रा मंगलवार सुबह शहर स्थित अपने घर से पिता और भाई व सुरक्षा में लगे गनर के साथ कोर्ट में पहुंचने के लिए चल दी। घर के बाहर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों को भी भनक नहीं लगने दी कि वह लोग कोर्ट जा रहे हैं, किसी तरह से एसआईटी को छात्रा के कोर्ट में पहुंचने की जानकारी मिली तो एसआईटी ने भारी पुलिस फोर्स के साथ छात्रा को सुदामा चौराहे के पास पुलिस अभिरक्षा में ले लिया। फिर उसे कोर्ट में ले जाया गया।
संजय को रिमांड पर लेने की याचिका खारिज
एसआईटी के सह विवेचक संजय कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में मंगलवार को संजय सिंह को रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थना पत्र दिया कि चिन्मयानंद केस में मामले में साक्ष्य के लिए छात्रा का मोबाइल बरामद करना है, जिसे संजय सिंह ने नीरज सिंह के ढाबे के पास बंथरा जाने वाले रास्ते में छिपा दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रभारी दिनेश कुमार गौतम ने संजय का रिमांड प्रार्थना पत्र इस आशय के साथ खारिज कर दिया कि संजय चिन्मयानंद केस में आरोपी नहीं है।
पूरे दिन जजी कचहरी परिसर में रही गहमा-गहमी
स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने और फिरौती में आरोपी बनी छात्रा के कोर्ट में पहुंचने पर पूरे दिन गहमा-गहमा का महौल रहा। एडीजे प्रथम के बाहर सुनवाई के दौरान वकीलों व अन्य मामलों में तारीख पर आए वादाकारियों की भीड़ लगी रही। हर कोई कोर्ट के निर्णय को जानने के लिए उत्सुक था लेकिन शाम चार बजे अगली तारीख तय होने के बाद छात्रा जब पुलिस सुरक्षा में घर गई तब फिर गहमा-गहमी समाप्त हुई लेकिन छात्रा की जमानत को लेकर वकील आपस में चर्चा करते रहे।
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