शाहजहांपुर। दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगने के पीछे संजय और सचिन का दिमाग काम कर रहा था और मोहरा छात्रा को बनाया गया। लेकिन छात्रा के लापता होने की सूचना ने पूरा खेल बिगाड़ दिया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से छात्रा को खोज निकाला और इसके बाद एसआईटी की जांच में जो कहानी सामने आई उसमें दोनों ही दोषी निकले। अब चिन्मयानंद और फिरौती की मांग करने वाले तीन युवक जेल में हैं और छात्रा पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने की स्वीकारोक्ति वाला वीडियो बनाने वाला ड्राइवर संजय के चचेरे भाई विक्रम की मौसी के बेटे सचिन सेंगर का परिचित था। वह गाजियाबाद में गाड़ी चलाता था। माना जा रहा है कि सचिन ने ही ड्राइवर से कहकर पांच करोड़ की फिरौती वाला वीडियो इसलिए बनवाया ताकि रुपये मिलने पर यदि संजय या छात्रा में से कोई बेईमानी करे तो इस वीडियो के सहारे फिरौती की रकम का हिस्सा लिया जा सके।
संजय ने जहां चिन्मयानंद से पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने में छात्रा को आगे कर स्वामी के तेल मालिश करते हुए वीडियो बनवाए, वहीं सचिन ने भी वीडियो बनवा लिया। जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और दोनों पक्ष दोषी नजर आने लगे तो चिन्मयानंद के एक सिपहसालार ने जानकारी कर ड्राइवर से वह वीडियो हासिल कर लिया। वीडियो चिन्मयानंद समर्थक के हाथ लगते ही पूरी असलियत सामने आ गई। संजय और सचिन ने फिरौती मांगने को दिमाग तो खूब लगाया लेकिन वे सब अपने ही बनाए चक्रव्यूह में फंस गए। यदि फिरौती मांगने की रकम की स्वीकारोक्ति वाला वीडियो वायरल नहीं होता तो संजय, सचिन, विक्रम को जेल नहीं जाना पड़ता और न ही पीड़ित छात्र कठघरे में खड़ी नजर आती।