जिला अस्पताल में बच्चाें के लिए बड़ी मुश्किल से आए वेंटीलेटर को ‘गेंद’ बना दिया गया है। इसे चलाने में डॉक्टर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बच्चा वार्ड के स्टॉफ नर्सों ने जगह कम होने की बात कहकर एक और मुसीबत खड़ी कर दी है। अब जिला अस्पताल प्रशासन अपने उच्च अधिकारियों को चिट्ठी लिखकर ट्रेंड स्टॉफ मांग रहा है। जाहिर है, नया स्टॉफ आने से रहा। ऐसे में वेंटीलेटर कबाड़ हो जाएगा।
विधान परिषद सदस्य वसीम बरेलवी ने करीब 19 लाख रुपए की निधि से जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड को एक वेंटीलेटर दिया है। इस हाइटेक वेंटीलेटर को 6 मार्च सोमवार में कंपनी के तकनीशियन फिट करने आए थे, लेकिन बच्चा वार्ड के स्टॉफ नर्सोँ ने प्रमुख अधीक्षक को जानकारी दी कि वेंटीलेटर के लिए अलग से एक जगह की जरूरत पड़ेगी। वेंटीलेटर एक कमरा नुमा होता है जो कम जगह में बन पाना मुश्किल है। विकल्प निकाला गया कि एनआईसीयू में पार्टिशन करके वेंटीलेटर फिट करेंगे, लेकिन इसके लिए अभी सामान नहीं है। अब सामान मंगवाने के लिए अलग डिमांड भेजी गई है। जब तक वेंटीलेटर फिट करने की तैयारी नहीं होगी तब तक वह चलेगा नहीं।
डॉक्टराें ने लिखकर दिया कि वेंटीलेटर चलाने के लिए ट्रेंड नहीं
जिला अस्पताल के दो बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. करमेंद्र और डॉ. एसके सागर ने अस्पताल प्रशासन को बताया है कि वह वेंटीलेटर चलाने के लिए ट्रेंड नहीं है, इसलिए वह नहीं चला सक ते। अब अस्पताल में कोई भी अलग से ट्रेंड स्टॉफ नहीं है। ऐसे में वेंटीलेटर तब तक नहीं चलेगा जब तक स्टॉफ नहीं आता।
बेकार न हो जाए वेंटीलेटर
काम का बोझ बढ़ने का डर कहें या फिर कोई और कारण। जिला अस्पताल में स्टॉफ की कमी और इनके दिलचस्पी न लेने के चलते मशीनें बेकार हो रही है। डायलिसिस मशीन भी ऐसे ही बेकार हो गई। सी आर्म मशीन, फेको मशीन, लेचर मशीन जैसी तमाम मशीनें इसलिए ठप पड़ी है।
वेंटीलेटर न होने से दम तोड़ते हैं कई बच्चे
वेंटीलेटर का उपयोग तब करते हैं जब प्री मैच्योर नवजात और अन्य बच्चे फेफड़े की वजह से सांस न ले सकें। ऐसी स्थिति में वेंटीलेटर का उपयोग जरूरी है। जिला अस्पताल में बीमारी के सीजन व सामान्य दिनाें में भी कई बच्चे वेंटीलेटर न होने की वजह से दम तोड़ देते हैं। करीब 30 बेड के वार्ड में अधिकतर बच्चे वेंटीलेटर न होने की वजह से लौटा दिए जाते हैं। इसलिए यहां वेंटीलेटर बेहद जरूरी है।
एक डॉक्टर तो वेंटीलेटर के लिए चाहिए ही, हमारे यहां दो डॉक्टर हैं और इन पर वैसे ही अतिरिक्त काम है। एडी हेल्थ से एक बच्चा रोग विशेषज्ञ मांगा है। व्यवस्था होने पर वेंटीलेटर शुरू करेंगे।
डॉ. केएस गुप्ता, प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
वेंटीलेटर खरीदने से पहले इसी स्टॉफ ने पूर्व एडी एसआईसी डॉ. परवीन जहां को जगह कंफर्म कराई थी, तभी वेंटीलेटर खरीदा गया है। अब दान करने वाला इनकी हर समस्या का समाधान नहीं कर सकता। जिला अस्पताल अपने कोष से समस्या हल करे, वेंटीलेटर जरूरी है।
डॉ. विजय यादव, सीएमओ