आंखों के मरीज भी बढ़े
ओपीडी में इलाज को पहुंचने वाले बच्चों में कई कंजक्टिवाइटिस यानी आंखों के लाल होने से भी परेशान थे। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय के मुताबिक गर्मी में आंखों की देखभाल उचित न होने पर संक्रमण हो जाता है। आईड्रॉप समेत एलर्जी की दवा दी गई है। साथ ही, आंखों को दिन में तीन से चार बार धोने, छींटे मारने, धूप में निकलने पर चश्मा लगाने और तकलीफ बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करने के लिए कहा है।
जिला अस्पताल बच्चा वार्ड में सप्ताह भर पूर्व डायरिया पीड़ित बच्चों की तादाद बढ़ने पर बंद पड़े हार्ट वार्ड को खोला गया। दस बेड बढ़ाए गए ताकि कोई बच्चा बगैर इलाज वापस न हो। रविवार को 40 बच्चे भर्ती होने से यह वार्ड भी भर गया। एडी एसआईसी डॉ. अलका शर्मा के मुताबिक बच्चों को इलाज मिले यही प्रयास है।
बीते चार रविवार को कितने बच्चे पहुंचे
तिथि बच्चों की संख्या
19 मई 602
12 मई 578
05 मई 543
28 अप्रैल 521
21 अप्रैल 488
ये हैं बचाव के सुझाव
- हल्के सूती वस्त्र पहनाएं। कई बार पानी पिलाएं।
- घर में ओआरएस के पैकेट रखें। दस्त हो तो पिलाएं।
- सुबह 11 से शाम पांच बजे तक धूप में न जाने दें।
- धूप में खड़ी कार में भी बच्चों को अकेला न छोड़ें।
- घर के एक कमरे को ठंडा बनाएं, वहीं बच्चों रखें।
- सिरदर्द, चक्कर, बुखार आने पर डॉक्टर को दिखाएं।
- खानपान और रहन सहन में सफाई का ध्यान रखें।