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Bareilly News: इंस्पायर अवाॅर्ड योजना में चमके जिले के बाल विज्ञानी

Thu, 15 Feb 2024 04:12 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। परिषदीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मंगलवार को जारी हुई लिस्ट में 76 बच्चों ने पुरस्कार के लिए जगह बनाई है, इसमें 37 बेसिक स्कूलों के हैं। बाल विज्ञानियों के बनाए मॉडल की प्रदेश स्तर पर सराहना भी हुई है। बच्चों ने छोटे-छोटे प्रयासों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण देकर बेहतर प्रयोग किए हैं। ज्यादातर प्रयोग परिजनों की दिनचर्या को सरल बनाने पर आधारित रहे। शिक्षकों की मदद से यह साकार हो पाया है। अमर उजाला की भी इसमें खास भूमिका रही है। इंस्पायर अवाॅर्ड के लिए आवेदन की न्यूनतम संख्या पर सवाल उठाते हुए अमर उजाला ने इसे प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए बीएसए संजय सिंह ने हर स्कूल से दो आवेदन कराने के निर्देश दिए थे। इसी के बाद नामांकन बढ़े और इसका परिणाम भी सुखद रहा।
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मां के लिए तैयार किया किचन का साथी
उच्च प्राथमिक विद्यालय पथरा के कक्षा सात के छात्र राजेश ने मल्टी परपज मशीन बनाई है। इसे किचन का साथी नाम दिया है। यह मशीन उन्होंने अपनी मां के लिए बनाई है। छात्र का कहना है कि सुबह पिता जी काम पर चले जाते हैं। घर के बच्चों को भी स्कूल जाना होता है। इस बीच मां के ऊपर काम का बोझ बढ़ जाता है। मशीन की सहायता से एक बार प्रेस करने पर ही सब्जी काटने, फलों का रस निकालने, रोटी बेलने और धनिया या सलाद काटने जैसे काम आसानी से किए जा सकते हैं।
स्कूल में गंदे रहते हैं टॉयलेट इसलिए बनाया ई-क्लीनर
पथरा के ही कक्षा आठ के छात्र जसवीर ने ई-क्लीनर बनाकर राज्य स्तर तक लोगों का ध्यान खींचा है। स्कूलों में गंदे टॉयलेट्स की वजह से राजवीर को यह मशीन बनाने की प्रेरणा मिली। यह बैटरी से चार्ज होकर काम करती है। एक बार चार्ज होने पर यह तीन से चार दिन तक काम कर सकती है। इसमें सोप, पानी और ब्रश एक साथ काम करते हैं। पांच मिनट में टॉयलेट साफ कर सकते हैं।
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फसलों को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए बनाई स्पेशल बाउंड्री
छुट्टा पशुओं से होने वाले नुकसान से किसानों को बचाने के लिए उच्च प्राथमिक विद्यालय कांधरपुर के अमन और नाजरीन ने स्पेशल बाउंड्री बनाई है। यह बाउंड्री एक प्रकार की स्पेशल वायरिंग है जो खेत के चारों ओर लगाई जाएगी। इससे खेत में प्रवेश करने वाले पशु को बहुत कम बोल्ट के करंट का अहसास होगा और आस-पास लाइट जलने, साइरन बजने से वे वहां से दूर भाग जाएंगे।
परिषदीय स्कूलों के ये बच्चे रहे अव्वल
उच्च प्राथमिक विद्यालय पथरा से जसवीर और राजेश, दरौआपुर से स्वाति शर्मा, टांडा से रूबी, यूपीएस आंवला से अर्शी, दलपतपुर से अनमोल, अभयपुर से प्रशांत, अकलाबाद से अंशिका गंगवार, ब्योधा से गंगा, गुरसौली से रोशनी, नत्थू रम्पुरा से आदर्श बाबू और किरन, केसरपुर से मंतशा, कंपोजिट स्कूल मानपुर चिकटिया से प्रशांत, आदर्श उच्च प्राथमिक विद्यालय से मानव, उच्च प्राथमिक विद्यालय सब्जीपुर खता से रीना, घनघोरा घनघोरी से सना बी, गजरौला से सुहानी, पदारथपुर से इलमा, कांधरपुर से अमन और नाजरीन, लाडपुर से अंशिका, शाहपुर बनियान से अंजू और विपिन, हरेली से शुभलेश, ब्रह्मपुर कुंदन से यशपाल, नवादा वन से देव शर्मा, कृष्ण मौर्या और चांदनी, रजऊ से आदित्य, मधुनगला से दिव्यांशु, अधकटा नजराना से महीपाल, उधरनपुर से आदर्श, परसरामपुर से सबा बी और कहकशां, विश्वेशवरपुर से आकाश।
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