बरेली। पीलीभीत बाइपास पर बीसलपुर चौराहे से सौ फुटा मोड़ तक दो किलोमीटर में जाम से निजात दिलाने के लिए पांच फ्लाईओवर की जरूरत है या नहीं? अब इस पर मंथन होगा। कमिश्नर सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में 20 फरवरी को बैठक होगी। इसमें पीडब्ल्यूडी, सेतु निगम, बीडीए और नगर निगम व यातायात के अफसर चर्चा करेंगे। इसके बाद आगे की रूपरेखा तय होगी।
चर्चा में निर्णय के बाद ही फ्लाईओवर की डीपीआर बनाने की कवायद होगी। क्योंकि कुछ अफसरों का मानना है कि पीलीभीत बाइपास पर मौजूदा समय में किसी भी फ्लाईओवर की जरूरत नहीं है। सेटेलाइट पुल पर एक पुल का हिस्सा तैयार कर पीलीभीत बाइपास की ओर उतारने की जरूरत है ताकि ईसाईयों की पुलिया की ओर से पीलीभीत बाइपास की ओर जाने वाले लोगों को बस स्टैंड के सामने से न निकलना पड़े और वह जाम से बच जाएं। ऐसा प्रयोग चौपुला और अटल सेतु काे लेकर हो भी चुका है। इसके बाद सिक्सलेन बनने से इस बाइपास की समस्याएं खत्म हो जाएंगी। आईवीआरआई डेलापीर मंडी को जोड़ने वाले एक फ्लाईओवर पर भी चर्चा होगी।
इसके अलावा गांधी उद्यान से अर्बन हाट की ओर से अंडरपास बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। इस पर निर्माण विभाग के कुछ अफसरों की राय अलग है। उनकी मानें तो गांधी उद्यान के पास सड़क की चौड़ाई पर्याप्त है। अंडरपास के स्थान पर वहां बने पार्क के आकार को रोटरी का रूप दे दिया जाए तो अंडरपास की जरूरत खत्म हो जाएगी। इन बिंदुओं को भी बैठक में रखा जाएगा।
ये है पूरा मामला
कमिश्नर सौम्या अग्रवाल व आईजी राकेश कुमार सिंह ने सोमवार को पीलीभीत बाइपास का निरीक्षण किया था। यहां उन्होंने जाम से निजात दिलाने के लिए बीसलपुर चौराहा, डोहरा रोड तिराहा, सुरेश शर्मा नगर, संजय नगर मोड़ और सौ फुटा मोड़ पर फ्लाईओवर बनाने की संभावनाएं तलाश करने के निर्देश दिए थे। अमर उजाला ने अफसरों और निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त अफसरों से बात कर इस बात को प्रमुखता से उठाया था कि इस पर चर्चा जरूर होनी चाहिए कि सिक्स लेन सही रहेगा या फिर फ्लाईओवर ही बनाए जाएंगे। साथ ही बाइपास का मार्ग प्रस्तावों में ही उलझे रहने की बात भी उठाई थी।