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आवारा कुत्तों का आतंक : स्कूल के पास खेल रहे 10 साल के बच्चे को नोचकर मार डाला

Tue, 27 Apr 2021 09:15 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

गांव बंडिया में आवारा कुत्तों के कई झुंड हैं। ये अक्सर बच्चों पर हमला कर देते हैं। सोमवार शाम करीब छह बजे गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे। इनमें गांव के नत्थूलाल का दस वर्षीय बेटा मोरपाल भी शामिल था। इसी बीच आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया और बच्चों पर हमला कर दिया। 
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फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के सीबीगंज थाना इलाके के बंडिया गांव में सरकारी स्कूल के पास खेल रहे दस वर्षीय बच्चे को आवारा कुत्तों ने नोचकर मार डाला। घटना से परिवार में कोहराम मचा है। ग्रामीणों में बेहद गुस्सा है। 
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एक साल पहले गांव में कुत्तों ने मासूम बच्ची को नोचकर मार डाला था। तब ग्रामीणों के आक्रोश पर नगर निगम की टीम कुछ कुत्तों को पकड़कर भी ले गई थी, लेकिन फिर भी गांव में आवारा कुत्तों का आतंक थम नहीं सका। 

गांव बंडिया में आवारा कुत्तों के कई झुंड हैं। ये अक्सर बच्चों पर हमला कर देते हैं। सोमवार शाम करीब छह बजे गांव के बाहर प्राथमिक विद्यालय के पास कुछ बच्चे खेल रहे थे। इनमें गांव के नत्थूलाल का दस वर्षीय बेटा मोरपाल भी शामिल था। इसी बीच आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया और बच्चों पर हमला कर दिया। 
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इससे बच्चों में चीखपुकार मच गई और वे गांव की ओर भागने लगे, लेकिन मोरपाल को कुत्तों ने घेर लिया और नोचकर बुरी तरह घायल कर दिया। बच्चों के शोर पर गांव वाले मौके पर पहुंचे। उन्होंने कुत्तों को भगाकर मोरपाल को बचाया। घरवाले तुरंत मोरपाल को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोरपाल तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था।
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एक साल पहले आठ साल की रोहनी बनी थी शिकार 

बंडिया गांव में एक साल पहले आवारा कुत्तों ने बड़े प्रजापति की आठ वर्षीय बेटी रोहनी को नोचकर मार डाला था। इसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। उन्होंने सभासद धर्मवीर साहू के नेतृत्व में नगर निगम प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद नगर निगम की टीम कुछ कुत्तों को पकड़कर ले गई। 

बाकी कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम दोबारा गांव नहीं आई। इससे कुत्तों का आथंक खत्म नहीं हो सका। गांव के ही नरेश कुमार और चमन राजपूत ने मेयर उमेश गौतम से आवारा कुत्तों को जल्द पकड़वाने की मांग की है। 

गांव वालों का कहना है कि जहां बच्चे खेलते हैं, वहां पास में ही मुर्गी फार्म है। फार्म संचालक मुर्गे- मुर्गियों के अवशेष खुले में फेंक देते हैं। इससे वहां आसपास कुत्तों के झुंड मंडराते रहते हैं। मांस खाकर ये हिंसक हो गए हैं।
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