बरेली। खेल-खेल में हुए झगड़े में एक किशोर ने पांच साल के उवैश को चाकू मारकर घायल कर दिया। परिजन ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मामले की तहरीर नवाबगंज थाने में दी है।
कस्बे से सटे ईध जागीर गांव के मोहल्ला यासीननगर निवासी कमाल शाह बरखन रोड पर जूस का ठेला लगाते हैं। उनका पांच वर्षीय बेटा उवैश मोहल्ले के मदरसे में कक्षा दो का छात्र है। कमाल शाह के मुताबिक मंगलवार दोपहर पड़ोस में ही रहने वाला एक किशोर मोहल्ले के ही बच्चों के साथ खेल रहा था। खेल-खेल में ही चाकू से डराकर मारपीट कर रहा था। इसी बीच उवैश भी वहां खेलता हुआ पहुंच गया। यह देखकर अन्य बच्चों से झगड़ा कर रहे किशोर ने चाकू से उवैश के दाहिने हाथ पर वार कर दिया। उसके कंधे और हाथ पर चाकू लगा। उवैश को लहूलुहान देख आसपास के लोग वहां पहुंचे और उसे बचाया। इसी बीच आरोपी किशोर भाग निकला। उवैश के पिता उसे लेकर थाना नवाबगंज पहुंचे। पुलिस ने तहरीर लेकर उसे उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया, जहां उसे भर्ती कर लिया गया। वहां उसे करीब एक दर्जन टांके लगाए गए हैं।
बालमन पर बड़ा असर डालती है सोशल मीडिया
मनोवैज्ञानिक डॉ. हेमा खन्ना का कहना है कि शिक्षा का बड़ा असर पड़ता है। अगर कोई शिक्षित नहीं है तो वह ताकत के बल पर किसी भी चीज को हासिल करना चाहता है। इस मामले में हमला करने वाला बच्चा किशोरावस्था की पहुंच रहा है। उस समय हारमोन में बदलाव हावी होता है तो वह वैसे ही आक्रामक होता है। सोशल मीडिया या टीवी पर दिखने वाली हिंसा भी 70 फीसदी तक इसके लिए जिम्मेदार होती है। इस उम्र में बच्चों में खुद को बड़ा साबित करने की भी होड़ होती है। यही वजह है कि वे छोटी-छोटी बातों पर हिंसक हो जाते हैं।