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छठ पूजा के लिए भोजपुरी समाज में उत्साह

Mon, 16 Nov 2015 01:45 AM IST
बरेली
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बरेली। शहर में रहने वाले भोजपुरी समाज में नहाए-खाय के साथ रविवार को छठ पूजा उत्सव की शुरुआत हो गई। सूर्योपासना का चार दिवसीय छठ पूजा अनुष्ठान के लिए भोजपुरी परिवारों में काफी तैयारी की गई है। घरों में साफ-सफाई के बाद लौकी, चने की सब्जी और चावल बनाकर महिलाओं ने डाला षष्ठी का व्रत धारण कर लिया। परंपरागत तरीके से गेहूं धोकर सुखाया गया। सोमवार को खरना है। इसमें सुखाए गए गेहूं के आटे की रोटी और गुड़-साठे के चावल की खीर से प्रसाद बनाया जाएगा। पूरे दिन निर्जला व्रत रखने वालीं महिलाएं इस प्रसाद का वितरण करेंगी। मंगलवार शाम को व्रती महिलाएं सूप और दउरी में पूजा सामग्र्री के साथ अखंड दीपक प्रज्ज्वलित करके तट और कुंडों पर अस्तांचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा करेंगी। बुधवार को सुबह उगते सूर्य को आखिरी अर्घ्य देने के साथ छठ अनुष्ठान संपन्न हो जाएगा। सूर्योपासना के लिए शहर में कई स्थानों पर कुंड बनाए गए हैं। मंदिरों के कुंड की साफसफाई होने लगी है।
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शहर के रुहेलखंड विश्वविद्यालय, इज्जतनगर इलाके और आईवीआरआई में रहने वाले भोजपुरी परिवारों ने छठ पूजा की खास तैयारियां की हैं। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के शिव मंदिर, आलोकनगर के शिव-पार्वती मंदिर, सिद्धार्थनगर के हनुमान मंदिर, सदर कैंट के धोपेश्वरनाथ मंदिर, सुभाषनगर के तपेश्वरनाथ मंदिर में सूर्य को अर्घ्य देने के लिए कुंड की साफसफाई कराई जा रही है। इज्जतनगर मेें नगरिया परीक्षित के पीछे स्थित देवरनिया नदी के घाट की साफ-सफाई कराई गई है। पूर्वोत्तर रेलवे में काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों ने इज्जतनगर के रेलवे क्वार्टर मैदान में अस्थाई पोखर बनवाकर सूर्य को अर्घ्य देने का बंदोबस्त किया है। रुहेलखंड यूनिवर्सिटी में भोजपुरी समाज के वेदप्रकाश शाही ने बताया कि छठ अनुष्ठान की तैयारियां जोर-शोर पर चल रही हैं। घरों में इसको लेकर खास उत्साह है।
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