बिजली चोरी के आरोपियों को सौदेबाजी करने के लिए बुलाया था सेटेलाइट
बरेली। विजिलेंस के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को बृहस्पतिवार शाम सेटेलाइट बस अड्डा से दबोच लिया गया। उसका एक साथी भाग निकला। पुलिस और विजिलेंस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है। गिरोह के सरगना के रूप में विक्रम सिंह का नाम सामने आया है। फर्जी एसओजी के मामले में उसे पिछले दिनों ही जेल भेजा गया था।
गंगापुर तालाब निवासी हसीन और लीचीबाग के जीशान के घरों में विजिलेंस ने पिछले सप्ताह बिजली चोरी पकड़ने के बाद रिपोर्ट दर्ज की थी। इन दोनों के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम राहुल सिंह बताया। कहा कि 20 हजार रुपये में मामला खत्म हो जाएगा। दोनों से 15-15 हजार रुपये में समझौता हुआ।
बृहस्पतिवार शाम आरोपी ने हसीन और जीशान को सेटेलाइट बस अड्डा बुलाया। जीशान ने इसकी सूचना विजिलेंस थाने और हसीन ने इसकी सूचना जेई शाहदाना रवि भटनागर को दे दी। इसके बाद ठगी करने वाले को सेटेलाइट बस अड्डा से दबोच लिया गया। उसने अपना नाम फतेहगंज पश्चिमी कस्बा निवासी दिनेश कुमार बताया है।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसने राहुल और फतेहगंज पश्चिमी के भिटौरा निवासी विक्रम सिंह के नाम भी लिए हैं। यह भी बताया कि वह लोग यूपी कॉप से एफआईआर की कॉपी निकालकर आरोपियों से विजिलेंस के नाम पर सौदेबाजी करते थे। सीओ विजिलेंस मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि दिनेश नाम का एक आरोपी पकड़ा गया है। उसने कई घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। संवाद