कम वाट में सस्ती एलईडी, ट्यूब लाइट और सीलिंग फैन खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े, लेकिन कंपनी के ठेकेदारों ने वितरण केंद्रों पर सीमित स्टाक ही उपलब्ध कराया। मनमानी से परेशान लोगों ने हंगामा कर दिया। आरोप है कि स्थानीय सप्लायर ने स्टाक इधर-उधर कर दिया। जब लोग चीफ इंजीनियर से शिकायत करने पहुंचे पहुुंचे तो उन्होंने जांच कराने को कहा। यहां बता दें बरेली में योजना की शुरूआत चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल कराई।
विद्युत मंत्रालय ने ‘उजाला’ योजना में एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज (ईईसीएल) के माध्यम से कम वाट वाले सस्ते उपकरण उपलब्ध कराना शुरू किया है। बरेली समेत पूरे प्रदेश में शुक्रवार से बल्ब, ट्यूब लाइट और सीलिंग फैन की बिक्री शुरू हुई। यहां बता दें कि पंखे फाइव स्टार रेटिंग के हैं, ये 35 फीसदी बिजली बचाएंगे। पंखे 2.5 साल वारंटी के हैं, जबकि एलईडी और ट्यूब लाइट पर तीन साल की वारंटी है।
शहर में खुले पांचों वितरण केंद्रों पर लोग दस बजे से पहले ही पहुंच गए, जबकि स्थानीय सप्लायर के लोग 11 बजे दो सौ एलईडी बल्ब और बीस ट्यूब लाइट लेकर पहुंचे। माल कम और भीड़ ज्यादा होने पर हंगामा हो गया। जानकारी मिलते ही चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल खुद केंद्रों पर पहुंचे। केंद्रों पर निरीक्षण करने पहुंचे चीफ को लोगों ने बताया कि सप्लायर ने ब्लैक कर दी है, इससे सामान कम आया। इस पर चीफ ने ईईसीएल के प्रबंध निदेशक सौरभ से फोन पर बात कर समस्या से अवगत कराया।
यूपी में सप्लायर अलंकृत के प्रोजेक्ट मैनेजर चंचल कुमार ने बताया कि बरेली में 50 हजार बल्ब और 10 हजार ट्यूब लाइट उपलब्ध कराई गई हैं। फैन शनिवार तक पहुुंचेंगे। चंचल कुमार ने बताया कि फर्म ने बरेली जिले में संजय टंडन को ठेका दिया है। इतनी बड़ी संख्या में सप्लाई आने पर भी मारामारी मची रही।
बिक्री मंगल तक
चीफ इंजीनियर ने मंगलवार तक एनर्जी सेवर उपकरणों की बिक्री कराने के आदेश दिए हैं। चीफ ने बताया कि निर्धारित पांचों स्थानों पर बल्ब, ट्यूब लाइट और सीलिंग फैन मिलेंगे।
जांच होगी: चीफ
बरेली। चीफ इंजीनियर राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि ईईसीएल से मिली सप्लाई इधर-उधर और ब्लैक करने के आरोपों पर जांच कराई जाएगी। साथ ही पर्याप्त सप्लाई मंगाएंगे।