सर्विस रोड बनाने के बजाय तीन तरफ खोदकर डाल दी सड़क, जाम-हादसे और बढ़े
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साल भर पहले मिल गया था बजट, अब तक दबाए बैठा है सेतु निगम
डीएम ने कारण पूछा तो आनन-फानन में ठीक करानी शुरू की सड़क
बरेेली। साल भर से ज्यादा समय पहले चौपुला फ्लाईओवर बनाने के लिए सेतु निगम को दिए गए मुख्य बजट के साथ सवा दो करोड़ रुपये उसकी सर्विस रोड बनाने के लिए भी दिए गए थे लेकिन अब तक न सर्विस रोड का कोई पता है न सवा दो करोड़ रुपये का। सर्विस रोड बनाने के बजाय यहां तीनों तरफ सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है जिसके बाद जाम और हादसे और बढ़ गए हैं। हाल ही में डीएम की ओर से पुल निर्माण की शुरुआत से पहले सर्विस रोड न बनाने का कारण पूछने के बाद सेतु निगम ने हरकत में आना दिखना शुरू किया है।
सर्विस रोड बनाने में गड़बड़ी करना सेतु निगम का पुराना खेल है। दो साल पहले लालफाटक ओवरब्रिज की भी सर्विस रोड नहीं बनाई गई थी। नतीजा यह हुआ था कि टूट-फूटकर ऊबड़खाबड़ और बरसात का पानी भरने से दलदली हुए इस रास्ते पर हुए हादसों में तमाम लोगों को अपनी जान तक से हाथ धोना पड़ा। अब यही खेल चौपुला फ्लाईओवर के निर्माण में दोहराया जा रहा है। कायदे के मुताबिक सेतु निगम को कोई भी पुल बनाने से पहले सर्विस रोड बनाना होता है लेकिन चौपुला फ्लाईओवर की सर्विस रोड साल भर से ज्यादा समय गुजरने के बाद भी नहीं बनी है। इसके बजाय किला, पुलिस लाइन और पटेल चौक तीनों रोड पर साइड में कई मीटर गहरी खुदाई कर दी गई है। चौकी चौराहे से किला जाने वाली सड़क की हालत सबसे ज्यादा खराब है जिस पर भयंकर गड्ढे हो चुके हैं। डीएम नितीश कुमार ने सोमवार को सेतु निगम के अधिकारियों को इस लापरवाही पर डांट लगाई थी। इसके बाद मंगलवार को सर्विस रोड की मरम्मत शुरू करा दी गई है।
सेटेलाइट फ्लाईओवरः अधूरी सर्विस रोड उधड़ गई.. अब बहाने पर बहाने
सेटेलाइट फ्लाईओवर की भी सर्विस रोड बुरी तरह दुर्दशाग्रस्त हो गई है। सेेतु निगम ने करीब साल भर पहले एक कंपनी को करीब 30 लाख की लागत से चौराहे से कैंट की ओर सर्विस रोड बनाने का ठेका दिया था। कंपनी ने बेहद घटिया और गैरजिम्मेदाराना ढंग से सर्विस रोड का निर्माण कराया। कई जगह उसे अधूरा ही छोड़ दिया गया। कुछ ही समय बाद यह सर्विस रोड उधड़नी शुरू हो गई और अब इसकी बुरी हालत हो चुकी है। अब सेटेलाइट चौराहे से ईसाईयों की पुलिया तक सर्विस रोड बनाने के लिए 60 लाख का ठेका देने की तैयारी है। अधिकारियों की सफाई है कि वन विभाग से समय से एनओसी न मिलने की वजह से पूरा सर्विस रोड नहीं बनाया जा सका।
चौपुला पर जल निगम भी काम कर रहा है। कुछ दिन पहले ही एक मोबाइल कंपनी ने केबिल बिछाने के लिए खुदाई कर दी थी। वन विभाग से एनओसी न मिलने की वजह से सर्विस रोड नहीं बनाई जा सकी थी। सेेटेलाइट पर भी एनओसी और पोल शिफ्टिंग में देरी की वजह से सर्विस रोड नहीं बन पाई। इसे जल्द पूरा कराया जाएगा। -देवेंद्र सिंह, सीपीएम सेतु निगम