बरेली। भू अधिग्रहण घोटाले में लोक निर्माण विभाग पीलीभीत के तत्कालीन अधिशासी अभियंता उदय नारायण और सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार के खिलाफ अपर आयुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपपत्र तैयार होंगे। जांच रिपोर्ट की प्रति के साथ लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड पीलीभीत के अधिशासी अभियंता को आरोपपत्र तैयार करने के आदेश दिए गए हैं।
बरेली-सितारगंज हाईवे के चौड़ीकरण की जद में आ रहीं परिसंपत्तियों का मूल्यांकन एनएचएआई की निजी एजेंसी ने किया था। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने इसका सत्यापन
किया था। भुगतान हो जाने के बाद पता चला कि अधिक मुआवजा हासिल करने के लिए कुछ अफसरों और अभियंताओं की मिलीभगत से खेल हुआ। इसकी पुष्टि कमिश्नर की ओर से अपर आयुक्त प्रशासन प्रीति जायसवाल के नेतृत्व में गठित पांच सदस्यीय जांच टीम ने 27 सितंबर 2024 को की।
तत्कालीन अधिशासी अभियंता उदय नारायण और सहायक अभियंता सुरेंद्र कुमार को जिम्मेदार माना गया था। सुरेंद्र कुमार सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उदय नारायण लखनऊ स्थित विभागीय मुख्यालय से संबद्ध हैं। शासन ने दोनों के खिलाफ आरोपपत्र जारी करने और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य अभियंता अजय कुमार ने लोक निर्माण विभाग पीलीभीत के अधिशासी अभियंता को आरोपपत्र तैयार करने का आदेश दिया है। आरोपपत्र तैयार होने के बाद अनुमोदन के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी। अमर उजाला ब्यूरो