ज्यादातर महिलाएं कार्रवाई की जद से बाहर
अभियान के दौरान जिले में चिह्नित संदिग्ध लोगों की सही पहचान उनके मूल राज्यों व जिलों से आ चुकी है, जबकि करीब 17 लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। इन्हें बांग्लादेशी माना जा रहा है, पर इनमें ज्यादातर हिंदू महिलाएं हैं। उन्हें शादी करके यहां लाया गया है। केंद्र सरकार के नागरिकता कानून के नवीनतम संशोधन के मुताबिक, इन्हें कार्रवाई के दायरे से बाहर माना जा रहा है। इन्हें भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि जून में किए गए सर्वे में स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई थी। कुछ लोगों को रिपोर्ट लिखकर जेल भेजा गया था। कुछ संदिग्धों का बांग्लादेश दूतावास के जरिये सत्यापन कराया जा रहा है। वहां से रिपोर्ट मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर पुलिस दोबारा यही काम करेगी।